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Tata Steel Technical Institute में टेक फेस्ट-2025 में नवाचारी मॉडलों ने लूटी वाहवाही

Tata Steel Technical Institute : आयोजन का उद्देश्य युवाओं में तकनीकी जागरूकता बढ़ाना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

by Birendra Ojha
Students showcasing innovative models at Tech Fest 2025 in Tata Steel Technical Institute
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जमशेदपुर : टाटा स्टील टेक्निकल इंस्टीट्यूट, बर्मामाइंस में मंगलवार को टेक फेस्ट-2025 का रंगारंग आगाज हुआ। तकनीक, रचनात्मकता और सांस्कृतिक उत्सव का यह दो दिवसीय महोत्सव क्षेत्र के 30 से अधिक स्कूलों, कॉलेजों व आईटीआई के सैकड़ों छात्र-छात्राओं से गुलजार रहा। मुख्य अतिथि त्रिवेणी अर्थ मूवर्स एंड इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड के मेंटर ए कार्तिकेयन ने फेस्ट का उद्घाटन किया।

टाटा स्टील फाउंडेशन के कैप्टन अमिताभ सहित विशिष्ट अतिथियों ने छात्रों को इनोवेशन और स्किल-बेस्ड शिक्षा अपनाने का आह्वान किया। प्रदर्शनी में छात्रों के नवाचारी मॉडल्स ने सबको मुग्ध कर दिया। वायुमंडलीय नमी से पानी बनाने की तकनीक, मॉडर्न ट्रॉली, मॉडर्न कृषि तकनीक समेत, कई मॉडल्स ने विशेषज्ञों की खूब वाहवाही बटोरी। रोबोटिक्स, कोडिंग, प्रोजेक्ट प्रदर्शनी, क्विज, डिबेट और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे परिसर को ऊर्जा से भर दिया। ये सभी मॉडल पर्यावरण संरक्षण, संसाधन बचत और तकनीकी नवाचार का बेहतरीन संगम थे। विज्ञान व तकनीक को समाजोपयोगी बनाने की दिशा में युवा प्रतिभाओं का यह जोश देखते ही बनता था।

आयोजन का उद्देश्य युवाओं में तकनीकी जागरूकता बढ़ाना और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। प्राचार्य एवं आयोजन समिति ने सभी प्रतिभागियों व अतिथियों के प्रति आभार जताया। फेस्ट का समापन बुधवार को होगा, जिसमें विजेताओं की घोषणा और पुरस्कार वितरण होगा।

इन मॉडल ने ध्यान खींचा

फेस्ट में इंडो-डेनिश टूल रूम, आदित्यपुर की टीम ने वायुमंडलीय नमी से शुद्ध पेयजल बनाने वाली तकनीक का जीवंत प्रदर्शन किया। टीम ने मौके पर ही मशीन चलाकर पानी निकाला, जिसकी मुख्य अतिथि सहित सभी ने भूरि-भूरि प्रशंसा की। छात्र इसे व्यावसायिक स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं अरका जैन यूनिवर्सिटी की टीम ने ‘ग्रीन डस्टबिन’ प्रस्तुत किया। प्लास्टिक की बोतल या कचरा डालते ही यह डस्टबिन बच्चों को टॉफी-चॉकलेट देती है। उद्देश्य बच्चों में प्लास्टिक रिसाइक्लिंग की आदत डालना है। जबकि, अल-कबीर पॉलिटेक्निक के छात्रों की ऑटोमेटिक वाटर बॉटल फिलिंग मशीन ने लोगों को बार-बार बोतल खरीदने से मुक्ति दिलाने का व्यावहारिक हल पेश किया। वहीं एनटीटीएफ के छात्रों ने डेल्टा 3डी प्रिंटर दिखाया, जो 2डी डिजाइन को तुरंत 3डी मॉडल में बदल देता है और जरूरत के अनुसार आकार बढ़ा-घटा सकता है।

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