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Chaibasa News : मुहर्रम जुलूस में कलाकारों ने दिखाए हैरतअंगेज करतब; या हसन या हुसैन के लगते रहे नारे

Chaibasa News : सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य जुलूस में शामिल रहे। कड़ी सुरक्षा के बीच निकले जुलूस के लिए हर चौक-चौराहे पर पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात थे।

by Rajeshwar Pandey
Chaibasa Muharram Procession Artists Show Amazing Stunts
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चाईबासा : हजरत इमाम हुसैन की कुर्बानी की याद में मुस्लिमों का मातमी त्योहार मुहर्रम शुक्रवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा और चक्रधरपुर में पूरी अकीदत और गमगीन माहौल में मनाया गया। “या हुसैन… या हुसैन” की सदाओं से दोनों शहर गूंजते रहे।

चाईबासा में दसवीं का जुलूस बड़ी बाजार के विभिन्न मुहल्लों के अखाड़ों से निकला। बड़ों के साथ बच्चे भी मातम-ए-हुसैनी में सोगवार दिखे। जुलूस यशोदा चौक होते हुए शहीद पार्क चौक पहुंचा, जहां हथियारों से लैस खिलाड़ियों ने एक से बढ़कर हैरतअंगेज करतब दिखाए। ताजिए, निशान और बाजे-गाजे के साथ लोग “या हसन, या हुसैन”, “अल्लाह हो अकबर” के नारे लगाते चले। जुलूस देर रात उसी रास्ते से लौटकर सरायकेला मोड़ स्थित कर्बला में समाप्त हुआ।

सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के पदाधिकारी और सदस्य जुलूस में शामिल रहे। कड़ी सुरक्षा के बीच निकले जुलूस के लिए हर चौक-चौराहे पर पुलिस बल और दंडाधिकारी तैनात थे। मुहर्रम और करमा विसर्जन को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।

जुलूस बड़ीबाजार, बरकांदजटोला, सेनटोला, कुम्हारटोली, नीचे टोली, हिंद चौक, उर्दू लाइब्रेरी, शहीद पार्क, ग्वाला पट्टी और पुराना गोशाला के रास्तों से गुजरा।

चक्रधरपुर 9 अखाड़ों ने दिखाए शौर्य कौशल, राफेल की झांकी बनी आकर्षण

चक्रधरपुर में शुक्रवार शाम शहर इमाम हुसैन की शहादत की याद में डूबा नजर आया। विभिन्न इमामबाड़ों से निकले जुलूस में श्रद्धालुओं ने “या हुसैन… या हुसैन” की सदाओं के साथ मातम किया। जुलूस देखने चौक-चौराहों पर सैकड़ों लोग जुटे। शहर के 11 लाइसेंसी अखाड़ों में से 9 अखाड़ा समितियों ने पवन चौक पहुंचकर पारंपरिक शौर्य कौशल दिखाया। युवाओं ने लाठी, डंडा, तलवार, टांगी से रोमांचक करतब किए। आग के करतब पर दर्शकों ने तालियों से कलाकारों के हौसले बढ़ाए।

धार्मिक और सामाजिक झांकियों में राफेल लड़ाकू विमान की झांकी सबसे ज्यादा चर्चा में रही। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक ने आधुनिक तकनीक और देशभक्ति की इस झलक को सराहा। इससे पहले सुबह नवमी का ताजिया जुलूस भी निकला था, जिसमें अखाड़ों ने पवन चौक पर युद्धकला का प्रदर्शन किया। शाम को आशूरा जुलूस के समापन पर केंद्रीय अखाड़ा समिति ने सभी लाइसेंसी अखाड़ों को सम्मानित किया।

प्रशासन रहा मुस्तैद

प्रशासन ने ओवरब्रिज के नीचे अखाड़ों के लिए मंच की व्यवस्था की थी, लेकिन अधिकांश अखाड़ों ने पवन चौक पर ही करतब दिखाए और सीधे इमामबाड़ों को लौट गए। शांतिपूर्ण आयोजन के लिए शहर के संवेदनशील स्थानों पर दंडाधिकारी और पुलिस बल तैनात रहे। पुलिस लगातार गश्त करती रही। वाटर टावर स्थित नियंत्रण केंद्र से एसडीओ श्रुति राजलक्ष्मी, एसडीपीओ डॉ. सैयद मुस्तफा हासमी, प्रशिक्षु आईपीएस ईरा जोरवाल, सीओ सुरेश कुमार सिन्हा, बीडीओ कांचन मुखर्जी, कार्यपालक पदाधिकारी विजय कुमार हांसदा, थाना प्रभारी अवधेश कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने निगरानी की।

प्रशासन और अखाड़ा समितियों के बेहतर समन्वय से मुहर्रम का पर्व दोनों शहरों में अनुशासित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

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