Ranchi (Jharkhand) : वन भूमि घोटाला मामले में कोर्ट ने IAS अधिकारी विनय चौबे की जमानत याचिका खारिज कर दी है। साथ ही एसीबी (ACB) की ओर से दी गई जानकारी के बाद कोर्ट ने कहा है कि हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में प्रथम दृष्टया IAS अधिकारी विनय चौबे की संलिप्तता प्रतीत होती है।
सारा पैसा अवैध कमाई का : एसीबी
इससे पूर्व कोर्ट ने विनय चौबे की जमानत याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान एसीबी ने इस मामले में कोर्ट में कई महत्वपूर्ण खुलासे किए। एसीबी ने बताया कि विनय चौबे और विनय सिंह के पारिवारिक सदस्यों के बीच अब तक लगभग 5 करोड़ रुपए का लेनदेन बैंक के माध्यम से किया गया है। एसीबी ने बताया कि यह सारा पैसा अवैध कमाई का हिस्सा है। इसके अलावा एसीबी ने कोर्ट के समक्ष कई अहम खुलासे करते हुए विनय चौबे की जमानत याचिका का विरोध किया।
विनय चौबे व विनय सिंह समेत 73 नामजद आरोपी
कोर्ट ने जमानत याचिका रद्द करते हुए अपने आदेश में कहा है कि एसीबी द्वारा अब तक प्रस्तुत किये गए साक्ष्य और दस्तावेज व मनी ट्रेल से प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि विनय चौबे घोटाले में संलिप्त हैं। एसीबी ने वन भूमि घोटाला मामले में विनय चौबे के करीबी विनय सिंह, उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह, हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद, तत्कालीन सीओ शैलेश कुमार और ब्रोकर विजय सिंह समेत 73 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।
एसीबी ने कोर्ट को दी यह जानकारी
एसीबी ने कोर्ट को बताया है कि 1 मार्च 2010 से लेकर 9 जुलाई 2015 के बीच विनय सिंह की कंपनी और स्निग्धा सिंह की कंपनी ने विनय चौबे के साले शिपीज और प्रियंका के बैंक खातों में तीन करोड़ 16 लाख का ट्रांजेक्शन हुआ है। इसके बाद वर्ष 2019 से लेकर वर्ष 2023 के बीच इनके बीच 73 लाख रुपए से ज्यादा का ट्रांजेक्शन किया गया। वर्ष 2023 में एक ट्रांजेक्शन 14 लाख 25 हजार रुपए का किया गया, जबकि एक 2.5 लाख का और एक 76 हजार रुपए का ट्रांजेक्शन हुआ हैे।
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