रांची : रिश्वतखोरी के 19 साल पुराने मामले में एसीबी के विशेष न्यायाधीश ओंकार नाथ चौधरी की अदालत ने मंगलवार को रांची नगर निगम के तत्कालीन असिस्टेंट इंजीनियर कमलेश कुमार राय को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। अदालत ने अभियोजन पक्ष की ओर से लगाए गए आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं मानते हुए आरोपी को राहत प्रदान की।
मामले में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह महाराणा ने पैरवी की। आरोप था कि सड़क निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार रवि प्रकाश के लंबित भुगतान के एवज में कमलेश कुमार राय ने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, 5.85 लाख रुपये का भुगतान हो चुका था, जबकि शेष 45 हजार रुपये जारी करने के लिए रिश्वत मांगी गई थी। यह भी आरोप था कि आरोपी को पहले ही चार हजार रुपये दिए जा चुके थे।
शिकायत के आधार पर एसीबी ने 10 सितंबर 2007 को कार्रवाई करते हुए कमलेश कुमार राय को गिरफ्तार किया था। ट्रायल के दौरान अभियोजन पक्ष ने 13 गवाह पेश किए, जबकि बचाव पक्ष की ओर से दो गवाहों की गवाही कराई गई। सुनवाई के दौरान अभियोजन के दो महत्वपूर्ण गवाह अपने पूर्व बयान से मुकर गए। इसके बाद अदालत ने आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
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