देवघर : जिले में गुरुवार की सुबह एक बड़ा रेल हादसा होते-होते टल गया। हावड़ा–जसीडीह मुख्य मार्ग पर रोहिणी नावाडीह फाटक के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गोरखपुर–आसनसोल पैसेंजर ट्रेन की एक ट्रक से जोरदार टक्कर हो गई। घटना ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था और फाटक संचालन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में दो बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि रेल और सड़क यातायात कुछ समय के लिए पूरी तरह ठप हो गया।
जानें कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना उस समय हुई जब जसीडीह की ओर से आसनसोल जा रही गोरखपुर–आसनसोल ट्रेन अपने निर्धारित मार्ग पर थी। उसी दौरान देवघर से देवीपुर की ओर जा रहा एक ट्रक नावाडीह रेलवे क्रॉसिंग पर पहुंचा। बताया जा रहा है कि रेलवे फाटक खुला हुआ था, जिससे ट्रक चालक बिना रुके रेल लाइन पार करने लगा। इसी बीच ट्रेन और ट्रक आमने-सामने आ गए।
Deoghar Train Accident : लोको पायलट की सतर्कता से टला बड़ा हादसा
सूत्रों के मुताबिक, खतरे को भांपते ही ट्रेन के लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाया और रफ्तार कम करने की कोशिश की। हालांकि, ट्रेन पूरी तरह रुक पाती, उससे पहले ही रेल इंजन की ट्रक से टक्कर हो गई। राहत की बात यह रही कि ट्रेन की गति कम हो चुकी थी, जिससे एक बड़े जानलेवा हादसे से बचाव हो सका।
टक्कर के बाद सड़क पर मचा हड़कंप
ट्रेन से टकराने के बाद ट्रक अनियंत्रित हो गई और पास में सड़क किनारे खड़ी दो मोटरसाइकिलों को अपनी चपेट में ले लिया। इस दुर्घटना में दोनों बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की तत्परता से घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर लेकिन स्थिर बताई जा रही है।
Deoghar Train Accident : यातायात प्रभावित
हादसे के बाद रेल मार्ग और सड़क मार्ग दोनों पर आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, रेल पुलिस (RPF) और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त ट्रक को हटाने का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू किया गया, ताकि जल्द से जल्द यातायात बहाल किया जा सके। कई ट्रेनों को एहतियातन धीमी गति से निकाला गया।
गेटमैन की लापरवाही की आशंका, जांच शुरू
प्रारंभिक जांच में रेलवे गेटमैन की लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। सवाल यह उठ रहा है कि ट्रेन के आने के बावजूद रेलवे फाटक क्यों खुला था। रेलवे और जिला प्रशासन ने मामले की विस्तृत जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह मानवीय भूल थी या तकनीकी खामी।

