Jamshedpur : टाटा स्टील ने रविवार को जमशेदपुर स्थित अपने कोक प्लांट में बैटरी सेवन की पुरानी कोल टावर को ध्वस्त कर दिया। यह ध्वस्तीकरण नियंत्रित रूप से सफलतापूर्वक किया गया। ध्वस्तीकरण इस तरह से किया गया कि कंपनी में किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ।
ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया रविवार को दोपहर 12:05 बजे उन्नत और विश्व स्तरीय तकनीक को अपनाते हुए की गई। टाटा स्टील के अधिकारियों ने बताया कि यह गतिविधि टाटा स्टील की पुरानी औद्योगिक संरचना को सुरक्षित रूप से हटाने के प्रयास का एक हिस्सा है। पुरानी संरचनाओं को कंपनी योजनाबद्ध और वैज्ञानिक तरीके से हटा रही है। ताकि, पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान ना हो।
मानक के अनुसार किया गया है ध्वस्तीकरण
कोल टावर का ध्वस्तीकरण भी पूरी तरह सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए किया गया है। इससे कर्मचारी, प्लांट के संचालन और आसपास की सुविधाओं पर कोई गलत प्रभाव नहीं पड़ा। टाटा स्टील के अधिकारियों ने बताया कि यह नियंत्रित ध्वस्तीकरण एडिफिस इंजीनियरिंग इंडिया ने किया है। यह कंपनी जटिल ध्वस्तीकरण करने में माहिर है और ऐसे काम को अंजाम देने में कंपनी के पास विश्व स्तरीय अनुभव है। अधिकारियों का कहना है कि ध्वस्तीकरण के दौरान पर्यावरण पर प्रभाव को न्यूनतम रखने के लिए उन्नत तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
टाटा स्टील ने प्राप्त कर ली थी एनओसी
टाटा स्टील के अधिकारियों ने बताया कि इस गतिविधि से पहले प्राधिकरण के सभी वैधानिक अनुमोदन हासिल कर लिए गए थे। साथ ही आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र भी ले लिए गए थे। ध्वस्तीकरण के संचालन के दौरान व्यापक सुरक्षा और आपातकालीन तैयारी की गई थी। ताकि किसी भी तरह की अनहोनी होने पर हालात को नियंत्रित किया जा सके। टाटा स्टील के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी परिचालन उत्कृष्टता, सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराती है और भविष्य में भी अपने औद्योगिक संरचना के प्रबंधन के लिए सर्वोत्तम श्रेणी की प्रक्रिया और मानक को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

