रांची : वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर झारखंड विधानसभा के बजट सत्र में मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अबुआ बजट पेश कर रहे हैं। झारखंड विधानसभा में मंगलवार को राज्य का वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश हो गया है। वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपए का बजट पेश किया है। माना जा रहा है कि इस बजट से राज्य में विकास के नए द्वार खुलेंगे। यह बजट किसानों के लिए अच्छा माना जा रहा है।
बजट में सरकार ने महिलाओं। और बच्चों के उत्थान व बेहतरी के लिए आगामी वित्तीय साल में कुल 22 हजार 995 करोड़ 69 लाख रुपए खर्च करेगी।
झारखंड मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना का खास ख्याल रखा है। इस योजना के तहत महिलाओं को प्रतिमाह उनके खाते में राशि भेजने के लिए सरकार ने 14 हजार 65 करोड़ 57 लाख रुपए का प्रावधान बजट में किया है। इस योजना के तहत 18 से 50 वर्ष तक की आयु की महिलाओं को प्रतिमाह 2500 रुपए भुगतान किए जाते हैं।
सरकार ने सर्वजन पेंशन योजना के तहत आगामी वित्तीय वर्ष में 3517 करोड़ 23 लाख रुपए खर्च करने का प्रावधान किया है। इस योजना में 34 लाख लाभुक आच्छादित किए जाएंगे।
राज्य सरकार ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना के तहत आगामी वित्तीय साल में बजट में 1463 करोड़ 58 लाख रुपए का प्रावधान रखा है। इस रकम से राज्य के 12 लाख लोगों को पेंशन दी जाएगी।
राज्य के असहाय और वंचित वर्ग को ठंड के प्रभाव से बचाने के लिए 9 लाख से अधिक लोगों को कंबल बांटे जाएंगे। इसके लिए बजट में 56 करोड रुपए का प्रावधान है।
अगले वित्तीय साल में प्रदेश में 1100 आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण के लिए 176 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। कुपोषण के खिलाफ सरकार कई योजनाएं चल रही है। इसके तहत सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष में 829 करोड़ 99 लाख रुपए का बजटीय प्रावधान किया है। यह रकम पूरक पोषाहार कार्यक्रम के तहत खर्च होगी। राज्य की 2 लाख 60 हजार से अधिक गर्भवती महिलाओं और 6 वर्ष तक के 21 लाख 34000 बच्चों को पोषाहार दिए जाएंगे। आंगनबाड़ी केंद्र में शिक्षा प्राप्त कर रहे तीन से छह वर्ष तक के 10 लाख 76000 से अधिक बच्चों को यूनिफॉर्म, जूता, मोजा, स्वेटर, पठन-पाठन, लेखन सामग्री तथा केंद्र में बैठने के लिए टेबल-कुर्सी के लिए सरकार 260 करोड़ 17 लाख रुपए खर्च करेगी। आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्य खर्च के लिए 418 करोड़ 84 लाख और 619 करोड़ 83 लाख रुपए का प्रावधान रखा गया है।
वृद्धाश्रमों और दिव्यांग आवासीय विद्यालयों के लाभार्थियों के लिए सरकार ने 25 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रावधान रखा है। 1 लाख 41 हजार किशोरियों को पूरक पोषाहार के लिए 41 करोड़ 26 लाख रुपए खर्च होंगे। आदिम जनजाति बाहुल्य इलाके में 495 आंगनबाड़ी केंद्र बनाए जाएंगे। इस पर 55 करोड़ 32 लाख रुपए खर्च होंगे।
पंचायती राज की योजनाओं पर खर्च होंगे 2 हजार 283 करोड़ 25 लाख रुपए
आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में पंचायत सचिवालय के जीर्णोद्धार के अलावा विभिन्न भवन परिसंपत्तियों के निर्माण और मरम्मत पर सरकार 209 करोड़ रुपए खर्च करेगी। 15 वें वित्त आयोग के अनुदान मद में सरकार ने 1340 करोड़ रुपए खर्च करने का अनुमान लगाया है। इस रकम का 30% जल आपूर्ति पर और 30 प्रतिशत स्वच्छता पर खर्च किया जाएगा। बाकी 40% की रकम स्थानीय आवश्यकता की योजनाओं पर खर्च होगी। आगामी वित्तीय साल में पंचम राज्य वित्त आयोग की अनुशंसा पर अनुदान मद में अनुमोदित राशि के विरुद्ध 216 करोड़ रुपए की राशि का प्रावधान बजट में किया गया है।

केंद्र सरकार से तनातनी के बीच झारखंड सरकार को खनन उद्योग से मिलने वाली आमदनी कम हुई है। इसकी भरपाई के लिए सरकार ने झारखंड बजट स्थिरीकरण कोष का प्रावधान किया है। इस कोष में सरकार ने 2041 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। वित्तीय वर्ष 25-26 के लिए 832 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। जबकि वित्तीय वर्ष 26-27 के लिए इस फंड में 1209 करोड़ रुपए का प्रावधान है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में राजस्व व्यय के लिए 1 लाख 20 हजार 851 करोड़ 90 लाख रुपए प्रस्तावित किए गए हैं। यह प्रावधान पिछले वित्तीय साल की तुलना में 9.2 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने पूंजीगत व्यय को गत वर्ष के बजट से 8.5 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ 37 लाख 708 करोड़ 10 लाख रुपए का प्रावधान किया है।

राज्य सरकार ने बजट में किसानों के लिए खजाना खोल दिया है। 2023 -24 में लागू बिरसा बीज उत्पादन योजना में साल 2025-26 के लिए 7 लाख 2050 किसानों को लाभ पहुंचाया है। बजट में इस साल 2026-27 में इस योजना के लिए 145 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

राज्य सरकार ने बंजर भूमि को सुधारने के लिए साल 2026-27 में 475 करोड़ 50 लाख रुपए का प्रावधान किया है। जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा स्रोत के स्थान पर सौर ऊर्जा चालित सिंचाई इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए इस बजट में आगामी वित्तीय वर्ष में 75 करोड़ रुपए का प्रावधान है। खेती में कृषि यंत्रों, पावर टिलर, पंप सेट आदि के वितरण के लिए आगामी वित्तीय साल में सरकार 80 करोड़ रुपए खर्च करेगी।

राज्य में सुखाड़ की स्थिति से निपटने के लिए सरकार राज्य मिलेट मिशन चला रही है। इस योजना के तहत चालू वित्तीय साल में 65000 किसानों के फसल का सर्वेक्षण हुआ है। साल 2026-27 में सरकार ने इस मद में 25 करोड़ रुपए का बजट प्रस्ताव रखा है।

राज्य में गन्ना, जूट और अन्य नकदी फसलों का भी विस्तार करने की योजना तैयार की गई है। सरकार ने नकदी फसल, विकास और विस्तार योजना को पुनर्नामित करते हुए आगामी वित्तीय साल में 19 करोड़ 88 लाख रुपए का प्रावधान बजट में किया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सब्जी की खेती, फूल की खेती, मधुमक्खी पालन समेत अन्य कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए इस बजट में 245 करोड़ 80 लाख रुपए का प्रावधान है।
बजट में अबुआ आवास योजना पर सरकार खर्च करेगी 4100 करोड़ रुपए
ग्रामीण विकास के लिए सरकार ने 12346 करोड़ 90 लाख रुपए खर्च का प्रावधान बजट में रखा है। अबुआ आवास योजना के लिए पांच किस्त में लाभुकों को ₹2 लाख की मदद दी जाती है। इस योजना के तहत अब तक 6 लाख 33 हजार 106 अवासों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है। इसमें से 1 लाख 88 हजार 849 आवास पूरे हो चुके हैं। बाकी बचे आवास वित्तीय साल 2026-27 में पूरे किए जाएंगे। इसके लिए, सरकार ने बजट में 4100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।
सरकार ने बजट में सखी मंडलों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए पलाश ब्रांड के तहत साल 2026-27 में पलाश मार्ट पर 66 करोड रुपए के खर्च का प्रावधान किया है। सखी मंडलों की आर्थिक मदद के लिए सरकार आगामी वित्तीय साल में 70 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है।
सरायकेला व गिरिडीह में बनेगा डेयरी, रांची में मिल्क पाउडर व मिल्क प्रोडक्ट प्लांट

सरकार ने पशुपालन और डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आगामी वित्तीय साल में 481 करोड़ 35 लाख रुपए खर्च करने का प्रावधान किया है। इसके तहत गिरिडीह और सरायकेला में 50 हजार लीटर प्रतिदिन क्षमता की नई डेयरी और रांची में 20 मीट्रिक टन प्रतिदिन क्षमता का मिल्क पाउडर प्लांट और उच्च क्षमता का मिल्क प्रोडक्ट प्लांट लगाया जाएगा। इसकी स्थापना के लिए झारखंड मिल्क फेडरेशन को रकम उपलब्ध कराई जाएगी।
कृषि उत्पादन में आर्थिक नुकसान से किसानों की भरपाई के लिए बरसा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना चलाई जा रही है। आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के तहत राज्य सरकार ने किसानों की मदद के लिए 400 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा है।
सरकार ने इस बजट में किसानों के उपज के भंडारण के लिए 100 मीट्रिक टन क्षमता के 48 गोदाम, 500 मीट्रिक टन क्षमता के 24 गोदाम और 2500 मीट्रिक टन क्षमता के 72 गोदाम बनाने का प्रस्ताव रखा है। इस पर सरकार ने 160 करोड़ 26 लाख रुपए खर्च करने का अनुमान लगा लगाया है। इसके अलावा प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में एक लैंप्स/पैक्स में कोऑपरेटिव मार्केटिंग परिसर सह सोलर पैनल आधारित कोल्ड रूम का भी निर्माण कराया जाएगा। इस पर सरकार आगामी वित्तीय वर्ष में 162 करोड़ 20 लाख 90 हजार रुपए खर्च करेगी।
डोरंडा में फिश पार्क होगा विकसित

चालू वित्तीय साल के सितंबर माह तक 1 लाख 70 हजार 400 मीट्रिक टन मछली का राज्य में उत्पादन हुआ है। आगामी वित्तीय साल में तालाब और मत्स्य जलाशय का विकास करने के लिए सरकार ने 106 करोड़ रुपए का प्रावधान बजट में रखा है। इससे बायो फ्लॉक तालाब का निर्माण कराया जाएगा। इसके अलावा, केज कल्चर का विस्तार होगा। साथ ही मत्स्य बीज हैचरी और फील्ड बेस्ड फिशरीज का भी विकास किया जाएगा। डोरंडा में फिश पार्क और मत्स्य निदेशालय प्रांगण में बटन तालाब को भी विकसित किया जाएगा। इस तरह किसानों के लिए कृषि और कृषि आधारित उद्योग के विकास पर सरकार आगामी बजट में 4 हजार 884 करोड़ 20 लाख रुपए खर्च करेगी।
जल संसाधन के लिए सरकार ₹2714 करोड़ 71 लाख रुपए करेगी खर्च

आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में सरकार सिंचाई सुविधाओं और सिंचाई क्षमता के विस्तार के लिए जल संसाधन विभाग पर ध्यान केंद्रित करेगी। सरकार ने बजट में जल संसाधन के लिए 2714 करोड़ 71 लाख रुपए का प्रावधान किया है। आगामी वित्तीय साल में सिंचाई योजनाओं के विकास के लिए 1137 करोड़ 10 लाख रुपए का प्रावधान है। इस रकम से राज्य भर में नई सिंचाई परियोजनाओं का निर्माण होगा और पुरानी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा किया जाएगा। पुरानी सिंचाई परियोजनाओं के जीर्णोद्धार के लिए 121 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।
अमानत बैराज योजना का बनेगा पुनरीक्षित प्राक्कलन
सरकार ने साल 2003 में पलामू जिला के पांकी प्रखंड के कोल्हुआ ग्राम में अमानत नदी पर अमानत बैराज का निर्माण शुरू किया था। इस बैराज का निर्माण साल 2011 तक कराया गया। बैराज अभी अधूरा है। इसको ठीक करने के लिए सरकार पुनरीक्षित प्राक्कलन तैयार करेगी। इसकी प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त करते हुए अगले 3 साल में योजना को पूरा करने का प्रावधान रखा गया है। इस योजना के पूरा होने के बाद पलामू जिला के पांकी, पाटन तरहसी और मनातू प्रखंड के 12 हजार 856 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। लघु सिंचाई योजना के तहत वित्तीय साल 2026-27 में 215 करोड़ रुपए का प्रावधान रखा गया है। इस रकम से चेक डैम और वीयर का निर्माण कराया जाएगा। मध्यम सिंचाई परियोजनाएं भी चलेंगी।
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