Jamshedpur : गोलमुरी ट्रैफिक के थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है। उनको एसएसपी पीयूष पांडे ने एसीबी की एडीजी प्रिया दुबे के निर्देश पर निलंबित किया है। शैलेंद्र कुमार पर आरोप है कि जब वह एसीबी के इंस्पेक्टर थे, तो आरईओ के कार्यपालक अभियंता चंदन कुमार को बचाने के लिए साक्ष्य में कमी की बात कह कर केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच चल रही थी। जांच में शैलेंद्र कुमार को दोषी पाया गया। इसके बाद एसीबी की एडीजी प्रिया दुबे ने शैलेंद्र कुमार को सस्पेंड करने के लिए पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी पीयूष पांडे को पत्र लिखा।
यह पत्र मिलने के बाद एसएसपी ने शैलेंद्र कुमार का निलंबन आदेश जारी किया है। बताया जा रहा है कि साल 2023 में पश्चिमी सिंहभूम के चक्रधरपुर में एसीबी की रेड हुई थी।
1 लाख 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़े गए थे लेखा लिपिक
इस रेड में आरईओ कार्यालय में छापा मारा गया था। तब शैलेंद्र कुमार एसीबी में इंस्पेक्टर थे। इस मामले में कार्यपालक अभियंता के कार्यालय के लेखा लिपिक सरोज कुमार सिंह 1 लाख 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े गए थे। उन्हें जेल भेज दिया गया था। मौके से कार्यपालक अभियंता नहीं पकड़े गए थे। लेकिन वह संदेह के घेरे में थे। आरोप है कि बाद में तत्कालीन एसीबी इंस्पेक्टर शैलेंद्र कुमार ने कार्यपालक अभियंता के खिलाफ कोई सबूत नहीं होने की बात फाइल में लिखी और केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी।
संदेह के घेरे में फंसे कार्यपालक अभियंता को दिया था लाभ
इससे कार्यपालक अभियंता चंदन कुमार को फायदा हुआ। बाद में मामले की शिकायत की गई। इसकी जांच चल रही थी। जांच में शैलेंद्र कुमार दोषी पाए गए थे और मामल कार्रवाई के लिए एसीबी की एडीजी प्रिया दुबे के पास आया। इसी के बाद प्रिया दुबे ने मामले में कार्रवाई की है।

