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Chatra Air Ambulance Crash : जंगल में महुआ चुनने गई महिलाओं ने देखा दुर्घटनाग्रस्त विमान का इंजन, फिर क्या हुआ …पढ़िए विस्तार से

by Kanchan Kumar
Chatra Air Ambulance Crash
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Air Ambulance Crash : चतरा : आखिरकार पत्थरपनिया जंगल में घटना के 21 दिनों बाद महुआ चुनने गई ग्रामीण महिलाओं ने दुर्घटनाग्रस्त एयर एबुंलेंस के इंजन को तलाश लिया। 23 फरवरी 2026 को एयर एंबुलेंस क्रैश हो गई थी। यह झारखंड स्थित लातेहार जिले के बालूमाथ निवासी एक मरीज को रांची से दिल्ली ले जा रही थी। उड़ान के बाद तकनीकी कारणों से एंबुंलेंस सिमरिया थाना क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी।

चतरा में एयर एंबुलेंसे दुर्घटना में पायलट समेत सात लोगों की हो गई थी मौत

इस हादसे में पायलट समेत कुल सात लोगों की मौत हो गई थी। रविवार को चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कसियातु करमटांड के पत्थरपनिया के घने जंगल में ग्रामीणों की टोली महुआ चुनने गई थी। तभी उन्हें दुर्घटनाग्रस्त एंबुंलेंस के मलबे पर नजर पड़ी। ग्रामीणों ने गांव पहुंचकर बताया। फिर कुछ जागरूक ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही सिमरिया के थाना प्रभारी सूर्यप्रताप सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और विमान के इंजन तथा अन्य बॉडी पार्ट्स को अपने कब्जे में लेकर क्षेत्र की घेराबंदी कर दी। पुलिस ने बरामद अवशेषों को सुरक्षित रखते हुए संबंधित जांच एजेंसियों को इसकी जानकारी दे दी है।

इंजन बरामदगी से जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद

इंजन दुर्घटना स्थल से करीब एक किलोमीटर दूर घने जंगल में मिला है। दुर्घटना के बाद दिल्ली से आई विमानन विभाग की तकनीकी टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर अधिकांश मलबे को जांच के लिए रांची भेज दिया था। इंजन और अन्य हिस्सों के मिलने के बाद जांच को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। विमान के अलग-अलग हिस्से अलग-अलग स्थानों पर बिखर गए थे।

उड़ान भरने के बाद एयरक्राफ्ट रडार से गायब हो गई थी एंबुंलेंस

23 फरवरी को रांची से दिल्ली एयर एबुलेंस ने उड़ान भरी थी। फिर यह एयरक्राफ्ट रडार से गायब हो गया। एंबुंलेंस का एयर ट्रैफिक कंट्रोल संपर्क टूट गया। एंबुलेंस में मरीज और उसके परिजन, एक डॉक्टर और एक नर्स समेत कुल 7 लोग सवार थे। इसमें पायलट विवेक विकास भगत, सबराजदीप सिंह के अलावा मरीज संजय कुमार, उनके परिजन अर्चना देवी, धूरू कुमार तथा डॉ. विकास कुमार गुप्ता एवं पुरुष नर्स सचिन कुमार मिश्रा सवार थे। क्रैश के बाद सभी की मौत हो गई थी।

उड़ान के 23 मिनट बाद एरिया कंट्रोल से टूट गया था संपर्क

23 फरवरी को रांची से शाम 7:11 बजे उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान 7:34 बजे अटाली के पास विमान से संपर्क टूट गया। अंतिम बार विमान का संपर्क कोलकाता एरिया कंट्रोल (VHF फ़्रीक्वेंसी 132.25) से हुआ था। वाराणसी एयर ट्रैफिक कंट्रोल ने बताया था विमान ने उनसे कोई संपर्क नहीं किया था। इसके बाद 20:05 बजे रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (RCC) को सक्रिय किया गया था।

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