RANCHI: रांची के सदर अस्पताल में सोमवार को स्कूल हेल्थ एंड वेलफेयर प्रोग्राम के तहत जिला स्तरीय सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के 19 प्रखंडों से चयनित पांच-पांच उत्कृष्ट स्कूलों के कुल 190 आरोग्य दूत (हेल्थ एंड वेलनेस एंबेसडर) को उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मानित किया गया। मौके पर सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज, राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. विजय किशोर रजक, राज्य समन्वयक रफत फरजाना और जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह समेत कई अधिकारी मौजूद थे।
स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता जरूरी
सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने बच्चों के स्वास्थ्य को समाज की प्राथमिक जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि स्कूलों में स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने बच्चों को हाथ धोने की आदत, पौष्टिक भोजन और जंक फूड से दूरी बनाने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य को भी उतना ही महत्वपूर्ण बताया और कहा कि बच्चों में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए स्कूलों में संवाद व परामर्श जरूरी है। जिला शिक्षा पदाधिकारी विनय कुमार ने कहा कि स्वास्थ्य को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना जरूरी है। बच्चों को सही और गलत की पहचान, स्वच्छ पानी के उपयोग और साफ-सफाई के महत्व के बारे में जागरूक करना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि शिक्षक बच्चों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं।
जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने कहा कि शिक्षा के साथ-साथ बच्चों को स्वस्थ बनाना भी जरूरी है और इसमें शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। वहीं, राज्य नोडल पदाधिकारी डॉ. विजय किशोर रजक ने बताया कि यह कार्यक्रम झारखंड के 24 जिलों के 15 हजार से अधिक स्कूलों में संचालित हो रहा है, जिसका उद्देश्य किशोरों को स्वास्थ्य, पोषण और जीवन कौशल के प्रति जागरूक करना है।
एनीमिया और टीनएज प्रेगनेंसी समस्याएं गंभीर
राज्य समन्वयक रफत फरजाना ने कहा कि झारखंड में एनीमिया और टीनएज प्रेगनेंसी जैसी समस्याएं गंभीर हैं, जिनसे निपटने के लिए स्कूल स्तर पर जागरूकता जरूरी है। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम के तहत बाल विवाह, दहेज प्रथा, मानव तस्करी और सड़क सुरक्षा जैसे विषयों पर भी बच्चों को जागरूक किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सेंटर फॉर कैटालाइजिंग चेंज का तकनीकी सहयोग रहा।

