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Ranchi News : भाषा नियमावली पर नहीं बनी समिति की बैठक में सहमति, CM के पास जाएगा मसला

by Nikhil Kumar
Ranchi News
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रांची : जेटेट नियमावली में भाषा विवाद को लेकर शुक्रवार को दूसरी बार हुई राज्य के पांच मंत्रियों की उच्च स्तरीय समिति की बैठक समन्वयक सह वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर की अध्यक्षता में हुई। बैठक में मौजूदा भाषा पैटर्न पर कई सदस्यों ने गंभीर सवाल खड़े किए। बैठक में तीन मंत्री राधा कृष्ण किशोर,संजय प्रसाद यादव और ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे भोजपुरी मगही अंगिका को शामिल करने के पक्ष में थे वहीं दो अन्य मंत्रियों का कहना था कि जनजातीय और अल्पसंख्यक समुदाय का कोई प्रतिनिधि समिति में नहीं है इसलिए फिलहाल इस पर विशेष चर्चा नहीं किया जा सकता।


बैठक में शामिल कई सदस्यों का कहना था कि वर्तमान नियमावली को लेकर छात्रों और अभ्यर्थियों के बीच लगातार भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी हुई है। सदस्यों ने यह भी सवाल उठाया कि जब बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अलग-अलग भाषाई पृष्ठभूमि से आते हैं, तब केवल सीमित विकल्पों को अनिवार्य बनाना कितना व्यावहारिक होगा। इस मुद्दे पर लंबी चर्चा हुई, लेकिन किसी निष्कर्ष पर सहमति नहीं बन सकी।


बैठक के दौरान कार्मिक और शिक्षा विभाग भी सवालों के घेरे में रहे। समिति के सदस्यों ने नाराजगी जताई कि पिछली बैठक में मांगे गए आंकड़े अब तक उपलब्ध नहीं कराए गए। सदस्यों ने विभागों से यह जानकारी मांगी थी कि पूर्व की भाषा नियमावली के तहत आयोजित परीक्षाओं में अभ्यर्थियों ने किन-किन भाषाओं का चयन किया था और किस भाषा में कितने उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए थे। लेकिन शुक्रवार की बैठक में भी विभाग स्पष्ट आंकड़े पेश नहीं कर सका। इसे लेकर कई सदस्यों ने तैयारी और समन्वय पर सवाल उठाए।


इसी बीच मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने बैठक में नया मुद्दा उठाते हुए समिति में अनुसूचित जनजाति और अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधियों को शामिल करने की मांग कर दी। उन्होंने कहा कि भाषा और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े फैसलों में सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है, ताकि निर्णय संतुलित और व्यापक सहमति के आधार पर हो सके।


सुदिव्य कुमार सोनू की इस मांग के बाद बैठक का फोकस केवल भाषा नियमावली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समिति की संरचना और प्रतिनिधित्व पर भी चर्चा शुरू हो गई। अब इस मामले में संबंधित समुदायों के मंत्रियों को समिति में शामिल किया जाएगा या नहीं, इसका अंतिम फैसला मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्तर पर होने की संभावना बताई जा रही है। एक-दो दिन में बैठक की प्रोसिडिंग मुख्यमंत्री को दी जाएगी।

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