चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में नो एंट्री को लेकर एक बार फिर बड़े आंदोलन की तैयारी है। इस बार यह पदयात्रा के रूप में चाईबासा से रांची तक जाएगी। 1 मई को रांची पहुंचकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस आंदोलन में मुख्य रूप से चाईबासा बाईपास सड़क (डोबरोसाई-गितिलपी रोड) और एमडीआर-177 पर दिन के समय भारी वाहनों के आवागमन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग पर आधारित है।
मंगलवार को सिंहपोखरिया गांव में आयोजित बैठक में समिति के संयोजक रमेश बलमुचू ने ग्रामीणों से न्याययात्रा में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन सिर्फ एक सड़क का मुद्दा नहीं, बल्कि आम लोगों की सुरक्षा और जीवन से जुड़ा सवाल है। इसलिए हर ग्रामीण, छात्र, सामाजिक संगठन को इस आंदोलन में भाग लेना चाहिए। नो एंट्री न्याय पदयात्रा चाईबासा रांची को व्यापक समर्थन दिलाने के लिए आसपास के स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों से भी संपर्क किया जा रहा है।
यहां बता दें कि इससे पहले नो एंट्री को लेकर 27 अक्टूबर 2025 को तांबो चौक पर सड़क जाम किया गया था। उस दौरान पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई थी। इस मामले में 70 से अधिक नामजद और 700 से ज्यादा अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। 16 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, जिन्हें बाद में जमानत मिल गई। वर्तमान में यह मामला न्यायालय में लंबित है।
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