रांची : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वीबी-जी राम जी (VB-G RAM G) योजना के तहत कराये जाने वाले कार्यों की अंतरिम सूची जारी कर दी गयी है। ‘विकसित भारत- गारंटी फाॅर रोजगार एंड आजीविका मिशन’ योजना के तहत फिलहाल 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया गया है, जिनपर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के साथ आधारभूत संरचना विकास का काम कराया जाएगा। ग्रामीण विकास विभाग झारखंड ने इस संबंध में सभी जिलों, उप विकास आयुक्तों और कार्यक्रम पदाधिकारियों (पीओ) को पत्र भेजते हुए सूची पर सुझाव और राय मांगी है।
विभाग ने कहा है कि यदि स्थानीय जरूरतों और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार अन्य उपयुक्त कार्यों को शामिल करने की आवश्यकता हो, तो जिलों से उसका प्रस्ताव भेजा जाए। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह फिलहाल अंतरिम सूची है और राज्यों से प्राप्त सुझावों के आधार पर इसमें आगे और भी कार्य जोड़े जा सकते हैं। माना जा रहा है कि योजना के अंतिम स्वरूप में ग्रामीण विकास, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, जल संरक्षण, कृषि उत्पादकता और सामुदायिक परिसंपत्तियों से जुड़े कई अतिरिक्त कार्यों को शामिल किया जा सकता है। नई योजना 1 जुलाई 2026 से लागू करने की तैयारी चल रही है और यह वर्तमान मनरेगा व्यवस्था का स्थान लेगी।
जारी सूची में सबसे अधिक प्राथमिकता जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते जल संकट और सिंचाई की समस्या को देखते हुए नहर निर्माण, बाढ़ नियंत्रण चैनल, डायवर्जन चैनल, चेक डैम, गली प्लग और अंडरग्राउंड डाइक जैसे कार्य बड़े पैमाने पर कराये जायेंगे। इसके अलावा व्यक्तिगत एवं सामुदायिक स्तर पर बोल्डर चेकडैम, अर्थेन चेकडैम, गैबियन चेकडैम और मेसनरी चेकडैम निर्माण के साथ उनकी मरम्मत और रखरखाव के कार्य भी शामिल किए गए हैं।
सूची में तालाब निर्माण एवं जीर्णोद्धार, परकोलेशन टैंक, रिचार्ज पिट, रिचार्ज शाफ्ट, इंजेक्शन वेल और वर्षा जल संचयन संरचनाओं के विकास को भी प्राथमिकता दी गयी है। इसके साथ ही सामुदायिक स्तर पर स्टॉर्म वाटर ड्रेन की मरम्मत, स्प्रिंग शेड के लिए कलेक्शन चैंबर निर्माण, बंद पड़े बोरवेल में फिल्ट्रेशन चैंबर निर्माण, एस्केप चैनल के किनारे फिल्ट्रेशन पॉन्ड सह रिचार्ज शाफ्ट निर्माण तथा जल निकायों में इंजेक्शन वेल निर्माण जैसे कार्य भी योजना का हिस्सा होंगे।
ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि उत्पादन और सिंचाई क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से फार्म पॉन्ड निर्माण, खेत सिंचाई सुविधा विस्तार, जल निकासी सुधार और अन्य जल संरक्षण संरचनाओं को भी सूची में शामिल किया गया है। इसके अलावा ब्रशवुड गली प्लग, मिट्टी गली प्लग और स्टोन बोल्डर गली प्लग निर्माण जैसे छोटे लेकिन प्रभावी जल संरक्षण कार्यों को भी प्राथमिकता दी गयी है।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार योजना का उद्देश्य केवल ग्रामीण रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण, भूजल स्तर में सुधार, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना और प्राकृतिक संसाधनों का टिकाऊ प्रबंधन सुनिश्चित करना भी है। यही कारण है कि योजना में जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्यों की संख्या सबसे अधिक रखी गई है।
ग्रामीण विकास विभाग ने जिलों को निर्देश दिया है कि वे अपने क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप अतिरिक्त कार्यों का प्रस्ताव जल्द भेजें, ताकि अंतिम सूची तैयार करते समय उन्हें शामिल करने पर विचार किया जा सके। विभाग का मानना है कि जिलों से प्राप्त सुझावों के बाद योजना और अधिक व्यावहारिक तथा स्थानीय जरूरतों के अनुरूप बन सकेगी।

