
कोडरमा : चंदवारा के उरवां गांव में मातम पसरा है। हर व्यक्ति की आंखें को नम हैं। अभी डेढ़ महीना ही उसके घर में शहनाइयां गूंजी थीं। झुमरी तिलैया की एक बेटी बड़े अरमानों के साथ दुल्हन बनकर उरवां के दशरथ यादव (23 वर्ष) के घर आई थी। दोनों ने साथ जीने-मरने की कसमें खाई थीं, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। जिस हाथों की मेहंदी का रंग अभी ठीक से छूटा भी नहीं था, उस नवविवाहिता का सुहाग उजड़ गया। लापता दशरथ का शव जयनगर के डहुआटोल में एक बंद पड़े स्टोन माइंस से बरामद हुआ है। इसके बाद लोगों का गुस्सा फुट पड़ा। लोगों ने एनएच जाम कर दिया।
शनिवार सुबह काम पर निकला, फिर कभी नहीं लौटा
दशरथ डहुआटोल में पेयजल योजना में मजदूरी करता था। शनिवार सुबह करीब 10 बजे वह अपनी बाइक से काम के लिए निकला था। जब शाम ढलने पर वह घर नहीं लौटा, तो पत्नी और माता-पिता की धड़कनें बढ़ने लगीं। फोन मिलाया तो वह भी बंद आ रहा था। अनहोनी की आशंका में परेशान घरवालों ने पुलिस को खबर दी और खुद भी रात में ही ढूंढने निकल पड़े।
बाइक के पास ही मिला शव
ढूंढते-ढूंढते परिजन जब डहुआटोल के बंद पड़े माइंस के पास पहुंचे, तो वहां दशरथ की बाइक खड़ी मिली। रविवार सुबह जब माइंस के गहरे पानी में देखा गया, तो दशरथ का शव उफनता हुआ मिला। यह देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। शव की हालत देख दिल दहल जाता है—चेहरे पर कपड़ा बंधा था और पैर पर गहरी चोट के निशान थे।
गुस्साए लोगों ने किया सड़क जाम
युवक के चाचा पवन यादव और ग्रामीणों का साफ कहना है कि दशरथ की बेरहमी से हत्या कर लाश को यहां फेंका गया है। इस खौफनाक वारदात से गुस्साए ग्रामीणों ने उरवां में नेशनल हाईवे (NH-20) जाम कर दिया। रोती-बिलखती पत्नी और बेबस परिवार बस एक ही मांग कर रहा है कि पुलिस दशरथ के मोबाइल की कॉल डिटेल्स खंगाले और कातिलों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है, लेकिन इस हंसते-खेलते परिवार को जो जख्म मिला है, उसकी भरपाई कभी नहीं हो पाएगी।

