
खूंटी : झारखंड के खूंटी जिले के जरियागढ़ थाना क्षेत्र में रविवार तड़के सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) के बीच हुई मुठभेड़ में संगठन का कुख्यात एरिया कमांडर श्रवण दास घायल हो गया। पुलिस ने अभियान के दौरान छह उग्रवादियों को गिरफ्तार करने के साथ भारी मात्रा में हथियार, कारतूस और कई अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को देर रात सूचना मिली थी कि तिलमी जंगल में पीएलएफआई के सदस्य किसी बड़ी आपराधिक वारदात की योजना बनाने के लिए एकत्र हुए हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए खूंटी पुलिस ने तुरंत विशेष अभियान चलाया। जरियागढ़ और कर्रा थाना की संयुक्त टीम ने जंगल की घेराबंदी कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
जंगल में पहुंचते ही शुरू हो गई फायरिंग
पुलिस टीम जैसे ही संदिग्ध ठिकाने के करीब पहुंची, वहां मौजूद उग्रवादियों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी मोर्चा संभाला और दोनों ओर से कुछ देर तक गोलियां चलती रहीं। इसी दौरान पीएलएफआई का एरिया कमांडर श्रवण दास गोली लगने से घायल हो गया।
घायल श्रवण दास को मौके पर प्राथमिक उपचार देने के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स भेजा गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हथियार और डायरी से खुल सकते हैं कई राज
मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने चार पिस्टल, कई देसी कट्टे और 12 से अधिक जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा संगठन से जुड़े दस्तावेज और एक महत्वपूर्ण डायरी भी पुलिस के हाथ लगी है। बरामद डायरी कई बड़े खुलासे कर सकती है। इसमें क्षेत्र के कई ठेकेदारों के मोबाइल नंबर, कथित रंगदारी नेटवर्क और भविष्य में की जाने वाली घटनाओं का ब्यौरा दर्ज है। पुलिस को उम्मीद है कि इस डायरी के आधार पर पीएलएफआई के पूरे नेटवर्क और उसके आर्थिक तंत्र का पर्दाफाश किया जा सकेगा।
लंबे समय से पुलिस के निशाने पर था श्रवण दास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार श्रवण दास तोरपा और कर्रा क्षेत्र में सक्रिय पीएलएफआई का प्रमुख चेहरा रहा है। उसके खिलाफ रेलवे निर्माण स्थलों पर गोलीबारी, आगजनी, रंगदारी वसूली और ठेकेदारों को धमकाने के कई गंभीर मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था और सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश कर रही थीं।
जारी है सर्च ऑपरेशन
खूंटी के पुलिस अधीक्षक ऋषभ गर्ग ने बताया कि मुठभेड़ के बाद भी इलाके में व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी है। आशंका है कि संगठन के कुछ सदस्य जंगल का फायदा उठाकर फरार होने में सफल रहे हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चला रही है।

