
Jamshedpur News : सालों से बंद पड़ी इंकैब इंडस्ट्रीज के पुनरुद्धार की प्रक्रिया के तहत राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) के आदेश के अनुपालन में रिज्यूलेशन प्रोफेशनल (आरपी) ने कर्मचारियों के बैंक खातों में भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि भुगतान शुरू होने के साथ ही राशि के निर्धारण, भुगतान के आधार और कर्मचारियों की सूची को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि भुगतान का स्पष्ट ब्योरा (ब्रेकअप) उपलब्ध नहीं होने से भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
1,616 कर्मचारियों की सूची पर उठे सवाल
कर्मचारियों के मुताबिक आरपी की ओर से जारी सूची में कुल 1,616 कर्मचारियों के नाम शामिल किए गए हैं। जबकि वर्ष 2019 में कंपनी के लिक्विडेशन और पुनरुद्धार प्रक्रिया के दौरान करीब 450 कर्मचारियों ने भी अपने दावों के समर्थन में फॉर्म-डी और फॉर्म-ई जमा किए थे। कर्मचारियों का आरोप है कि इन दावेदारों के नाम वर्तमान सूची में शामिल नहीं हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि इन कर्मचारियों के दावों का क्या हुआ और उन्हें सूची से बाहर क्यों रखा गया।
2019 के लिक्विडेशन आदेश के बाद जमा हुए थे दावे
कर्मचारियों ने बताया कि अगस्त 2019 में एनसीएलटी द्वारा कंपनी के लिक्विडेशन का आदेश दिए जाने के बाद सभी कर्मचारियों से उनके दावों के लिए निर्धारित प्रपत्र भरवाए गए थे। उस समय कंपनी से सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों ने ग्रेच्युटी के दावे के साथ वेतन संबंधी दस्तावेज भी जमा किए थे। पुनरुद्धार योजना के तहत कर्मचारियों को 7 अगस्त 2019 से पूर्व की अवधि के वर्ष 2017 तक के 24 माह के वेतन का 35 प्रतिशत भुगतान किया जाना है।
916 क्रमांक तक के कर्मचारियों को ग्रेच्युटी का भुगतान
कर्मचारियों के अनुसार जारी सूची में क्रमांक 1 से 916 तक के कर्मचारियों को ग्रेच्युटी के साथ 24 माह के वेतन के 35 प्रतिशत की राशि का भुगतान किया गया है। लेकिन अगस्त 2019 के बाद भी कंपनी के रोल पर रहे कर्मचारियों, जिन्होंने ग्रेच्युटी का दावा प्रस्तुत नहीं किया था, उन्हें ग्रेच्युटी की राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। ऐसे कर्मचारियों के नाम सूची में क्रमांक 917 से 1,616 तक दर्ज हैं।
भुगतान के ब्रेकअप में पारदर्शिता की मांग
कर्मचारियों का कहना है कि उनके खातों में भेजी गई राशि का मिलान आरपी द्वारा पहले उपलब्ध कराए गए भुगतान के विवरण (ब्रेकअप) से नहीं हो रहा है। इससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि किस मद में कितनी राशि का भुगतान किया गया है। कर्मचारियों ने मांग की है कि रिज्यूलेशन प्रोफेशनल प्रत्येक कर्मचारी को भुगतान का विस्तृत और पारदर्शी ब्रेकअप उपलब्ध कराएं, ताकि सभी तरह की शंकाएं और भ्रम दूर हो सकें।
कर्मचारियों की निगाहें रिज्यूलेशन प्रोफेशनल पर
इंकैब इंडस्ट्रीज के पुनरुद्धार की प्रक्रिया में भुगतान का यह चरण महत्वपूर्ण माना जा रहा है, लेकिन कर्मचारियों की सूची, ग्रेच्युटी भुगतान और राशि के निर्धारण को लेकर उठे सवालों ने इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी चर्चा तेज कर दी है। अब कर्मचारियों की निगाहें रिज्यूलेशन प्रोफेशनल की आधिकारिक सफाई और आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं।

