
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम स्थित मंडल कारा चाईबासा में बुधवार को बोर्ड ऑफ विजिटर्स की टीम ने औचक निरीक्षण कर जेल व्यवस्था का जायजा लिया। इस निरीक्षण दल का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार मोहम्मद शाकिर ने किया।
निरीक्षण दल में उपायुक्त मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक अमित रेनू, उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार डीएलएसए के सचिव रवि चौधरी, सदर एसडीओ संजय कुमार, प्रशिक्षु आईएएस ईरा जोरवाल, प्रशिक्षु आईपीएस राजकुमार जयराजु, एसडीपीओ बहामन टूटी सहित जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
वार्डों और रसोईघर का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों की टीम ने कारा परिसर के विभिन्न वार्डों, कैदियों के रहने के कमरों, रसोईघर, अस्पताल/चिकित्सा कक्ष और स्वच्छता व्यवस्था की गहन जांच की। टीम ने बंदियों को दिए जाने वाले भोजन की गुणवत्ता, पीने के पानी की उपलब्धता और सफाई का जायजा लिया।
इस दौरान अधिकारियों ने बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उनकी आवश्यकताओं के संबंध में जानकारी ली। प्राप्त शिकायतों और सुझावों पर त्वरित कार्रवाई के लिए कारा प्रशासन को निर्देश दिए गए।
अधिकारियों के प्रमुख निर्देश
मानवाधिकार और बुनियादी सुविधाएं – प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहम्मद शाकिर ने कहा कि जेल में बंद कैदियों के बुनियादी अधिकारों की रक्षा और स्वास्थ्य-सफाई का ध्यान रखना प्रशासन का प्रमुख कर्तव्य है। उन्होंने सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानवाधिकार मानकों के अनुसार संचालित करने का निर्देश दिया।
प्रशासनिक सतर्कता – उपायुक्त मनीष कुमार ने अधिकारियों को नियमित अंतराल पर जेल की व्यवस्थाओं की समीक्षा करने और स्वच्छ व सुरक्षित माहौल बनाए रखने की बात कही।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था – पुलिस अधीक्षक अमित रेनू ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन करते हुए संवेदनशील स्थानों पर चौकस निगरानी और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य – इस संयुक्त निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य मंडल कारा चाईबासा की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करना, कैदियों को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता जांचना और मानवाधिकार नियमों के तहत बंदियों के कल्याण को सुनिश्चित करना था।

