
Jamshedpur : बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन बार के बाहर हुए हिमांशु सिंह हत्याकांड को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। नेताओं में शहर की कानून व्यवस्था को लेकर भारी नाराजगी देखी जा रही है। पुलिस के सामने हुए इस हत्याकांड ने कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता अर्जुन मुंडा ने इस घटना को पूरे झारखंड को झकझोर देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि यदि पुलिस की गाड़ी से उतारकर किसी व्यक्ति पर अपराधी बेखौफ होकर हमला कर सकते हैं, तो आम जनता की सुरक्षा आखिर किसके भरोसे है।
अर्जुन मुंडा ने कहा कि यह घटना राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने पूछा कि क्या अपराधियों के मन से कानून का भय पूरी तरह समाप्त हो चुका है? क्या पुलिस प्रशासन इतना बेबस और लाचार हो गया है कि उसकी मौजूदगी भी अपराधियों को अपराध करने से नहीं रोक पा रही? उन्होंने कहा कि जब पुलिस के सामने ही ऐसी वारदात हो सकती है तो राज्य की कानून-व्यवस्था की वास्तविक स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता इस घटना पर जवाब चाहती है। जब कानून का भय समाप्त हो जाता है तो अपराध नहीं, बल्कि अराजकता जन्म लेती है। उन्होंने कहा कि झारखंड ऐसी स्थिति का हकदार नहीं है।
वहीं, जमशेदपुर पश्चिमी के विधायक सरयू राय ने भी इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस की गश्ती गाड़ी से खींचकर दो युवकों पर जानलेवा हमला करना जमशेदपुर पुलिस के चेहरे पर कालिख पोतने जैसा है। उन्होंने इस घटना के लिए पुलिस को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया।
सरयू राय ने कहा कि इस हमले में एक युवक हिमांशु सिंह की मौत हो चुकी है, जबकि दूसरा युवक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। उन्होंने मांग की कि इस जघन्य हत्याकांड के सभी आरोपियों के खिलाफ हत्या की कठोर धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें फांसी की सजा दिलाने की दिशा में प्रभावी कानूनी कार्रवाई की जाए।

