
Jamshedpur : पूर्वी सिंहभूम जिले में आरटीई कोटे से गरीब वर्ग के छात्रों के नामांकन के लिए आरक्षित लगभग 2300 सीटों पर खेल चल रहा है। इस कोटे की अधिकांश सीटों पर गरीब वर्ग के बजाय अमीर बच्चों का नामांकन किया जा रहा है। शिक्षा विभाग और विद्यालय प्रबंधन की मिलीभगत से कई साल से चल रहे इस खेल के विरोध में अब जदयू युवा के कार्यकर्ताओं ने कार्यकारिणी सदस्य हेमंत पाठक के नेतृत्व में मोर्चा खोल दिया है। इस मामले में सोमवार को डीसी कार्यालय में ज्ञापन सौंपा गया है।
आरोप है कि शिक्षा विभाग में 7 साल से अधिक समय से डटे कर्मचारी आरटीई के नियमों से खिलवाड़ कर रहे हैं। इसे लेकर युवा जदयू के कार्यकर्ताओं का एक प्रतिनिधिमंडल सोमवार को जमशेदपुर डीसी कार्यालय पहुंचा। डीसी ऑफिस में एक ज्ञापन सौंपा गया है। पूरे मामले की जांच कराने के बाद गरीब वर्ग की सीटों पर गरीब बच्चों का ही नामांकन करने और इस खेल में लगे अधिकारी और कर्मचारियों पर कार्रवाई करने की मांग की गई है। जिले में जो कर्मचारी 7 साल से अधिक वर्ष से डटे हुए हैं उनको यहां से ट्रांसफर करने की भी मांग की गई है।
युवा जदयू के कार्यकारिणी सदस्य पूर्व कोल्हान अध्यक्ष हेमंत पाठक ने मांग की है कि नामांकन के लिए आवेदन एवं चयन प्रक्रिया ऑनलाइन हो या ऑफलाइन, पारदर्शिता जरूरी है। जो लोग गरीबों का हक मार रहे हैं उन पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले में सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत उन्होंने कई जानकारी मांगी है। इनमें काफी साक्ष्य हैं कि इस साल जो लॉटरी हुई है उन में अनियमितता हुई है। दोबारा लॉटरी कराई जाए।
हाईकोर्ट में दायर होगी जनहित याचिका
उन्होंने कहा कि युवा जदयू इस मामले में हाईकोर्ट जाएगा। जल्द ही जनहित याचिका दायर होगी। अगर 5 दिन में उपायुक्त कार्यालय इस पर कोई कार्रवाई नहीं करता तो फिर आंदोलन किया जाएगा। युवा जदयू ने मांग पत्र की एक कॉपी विधायक सरयू राय को भी सौंपी है। ज्ञापन देने वालों में हेमंत पाठक के अलावा राहुल गुप्ता, मंटू सातवा, जयप्रकाश साहू, शुभम मिश्रा, हैप्पी कुमार, रितेश पांडे आदि मौजूद रहे।
मांग पत्र में की गई हैं यह मांगें
–आरटीई के तहत विद्यालय में पहली लॉटरी में लगभग 30 विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर लॉटरी नहीं कराई गई। इसकी जांच हो।
–यही नहीं पहली सूची जारी होने के बाद जो दूसरी सूची जारी हुई उनमें खाली सीटों की जगह फिर सभी सीटों के लिए आवेदन मांग लिए गए। जैसे कि पहली लॉटरी के बाद जो पहली सूची जारी हुई उसमें अगर किसी विद्यालय में तीन सीट बची हैं। तो दूसरी लॉटरी में इन तीन सीटों पर लॉटरी होनी चाहिए थी। लेकिन पूरी सीटों पर आवेदन मांगे गए और वहां 13 आवेदन आ गए। अब विभाग के कर्मचारी इन लोगों से मामला सेट कर नामांकन करा रहे हैं। इसकी जांच होनी चाहिए।
–सीओ कार्यालय से जारी आय प्रमाण पत्र का भौतिक सत्यापन नहीं हुआ। आशंका है कि कई लोगों ने फर्जी आय प्रमाण पत्र बनवाए हैं। इसकी जांच हो।
— द्वितीय लॉटरी से पहले ऑनलाइन पोर्टल पर जिन-जिन विद्यालयों का नाम नहीं दिख रहा था वैसे विद्यालयों में भी शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की मिली भगत से नामांकन कराया गया है। इसकी भी जांच होनी चाहिए।

