
Jamshedpur : झारखंड के दो आईपीएस अधिकारियों पर मंगलवार की रात बड़ी गाज गिर गई। माना जा रहा है कि दोनों पर कानून व्यवस्था में लापरवाही भारी पड़ गई। संयोग यह कि दोनों रिश्ते में पति-पत्नी हैं और फिलहाल आस-पास के जिले में तैनात थे।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक अहम निर्णय लेते हुए पूर्वी सिंहभूम के एसएसपी पीयूष पांडेय और सरायकेला-खरसावां की एसपी निधि द्विवेदी को एक साथ तत्काल प्रभाव से हटा कर मुख्यालय भेज दिया। आइए जानते हैं कि आखिर वह कौन से कारण रहे, जो एसएसपी पीयूष पांडेय और एसपी निधि द्विवेदी की विदाई की वजह बने।
पहले बात पूर्वी सिंहभूम की: एसएसपी पीयूष पांडेय पर जिले की कानून व्यवस्था को गंभीरता से नहीं लेने के आरोप लगातार लग रहे थे। शायद ही कोई घटना हो जहां एसएसपी मौके पर गए हैं। यही नहीं इनके कार्यकाल में अपराध का ग्राफ चरम पर पहुंच गया। हर तरफ चापड़ चल रहा था। शहर में दहशत फैली हुई थी। शरीफ आदमी किसी काम से निकलता तो वह खैरियत से घर वापस पहुंच जाने पर ईश्वर का शुक्र अदा करता।
पीयूष पांडेय ने एसएसपी का चार्ज लेते ही कई थाना प्रभारियों को इधर से उधर किया था। आलोक दुबे एसएसपी के खासमखास माने जाते थे। उन्होंने आलोक दुबे को कदमा थाना से हटा कर बिष्टुपुर जैसे महत्वपूर्ण थाने की कमान सौंप दी थी। तभी से बिष्टुपुर थाना क्षेत्र लगातार अशांत हो गया था।
दो बड़ी घटनाओं ने लिखी एसएसपी की नाकामी की पटकथा
यूं तो शहर भर में अपराध की बाढ़ आ गई थी। मगर, बिष्टुपुर में घटी दो बड़ी आपराधिक घटनाओं ने एसएसपी पीयूष पांडेय की कर्तव्यनिष्ठा पर दाग लगा दिए।
इनमें से एक घटना थी शहर के प्रसिद्ध युवा कारोबारी कैरव गांधी का अपहरण। यह वारदात एसएसपी पीयूष पांडे के कार्यकाल में ही 13 जनवरी 2026 में हुई थी। इस अपहरण कांड में पुलिस की काफी किरकिरी हुई। बहरहाल किसी तरह पुलिस 27 जनवरी को कैरव गांधी को बरामद करने में कामयाब हुई थी।
दूसरी घटना शनिवार 27 जून को बिष्टुपुर के डीडी बार एंड कैफे के बाहर अंजाम दी गई। हत्या की इस घटना ने जमशेदपुर ही नहीं पूरे प्रदेश की पुलिस के माथे पर कलंक का टीका लगा दिया। इस घटना में पुलिस को काफी शर्मिंदगी उठानी पड़ रही है।
पुलिस के सामने हत्या होने से हुई सरकार की बदनामी
पुलिस के सामने ही आदित्यपुर के हरि ओम नगर के रहने वाले हिमांशु कुमार पर धारदार हथियार से हमला कर दिया गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई । जबकि, उसका साथी प्रत्यूष कोलकाता के अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। हिमांशु की मौत की खबर सुनते ही सोमवार की रात लोगों ने बिष्टुपुर का रीगल गोल चक्कर जाम कर दिया था। कुछ प्रदर्शनकारी बिष्टुपुर थाना पहुंचे थे और वहां जमकर हंगामा हुआ। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पीसीआर वैन और सिटी एसपी की गाड़ी पर पथराव हुआ।
अब बात सरायकेला की: जमशेदपुर के एसएसपी पीयूष पांडेय की कार्यप्रणाली पहले से सवालों के घेरे में थी। इस बीच हाल ही में इनकी पत्नी निधि द्विवेदी को पड़ोसी जिले सरायकेला खरसावां का पुलिस अधीक्षक नियुक्त कर दिया गया। निधि द्विवेदी के पदभार ग्रहण के बाद चांडिल और कपाली क्षेत्र में ग्रामीण महिलाओं पर पुलिस के दुर्व्यवहार का मामला सामने आ गया। कपाली ओपी में एक आदिवासी महिला के साथ थाने में मारपीट के मामले में स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी पैदा हो गई थी। इन सब घटनाओं से सरकार की इमेज पर काफी बुरा असर पड़ रहा था । भाजपा के नेताओं ने झारखंड सरकार पर निशाना साधते हुए यहां तक कह दिया कि बिष्टुपुर में पुलिस के सामने कानून व्यवस्था की हत्या कर दी गई।
विपक्ष के हमलों के बीच मंगलवार को हुई एक और घटना ने आग में घी का काम किया। आदित्यपुर में मंगलवार की शाम दो बदमाशों ने प्रेम ज्वैलर्स के मालिक प्रेमचंद से रंगदारी की मांग की। रंगदारी नहीं देने पर चापड़ से प्रेमचंद पर हमला कर दिया। उनके सर पर दो जगह और सीने व पीठ पर चोट लग गई। फिलहाल उनका टीएमएच में इलाज चल रहा है। इन सब के बीच सरकार के सामने कार्रवाई के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा था।

