
रांची : अधिकारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। प्रखंड विकास पदाधिकारियों की कार्यशैली से सरकार की छवि बनती है। इसलिए टालमटोल की प्रवृत्ति से बचते हुए योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
यह बातें ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य एवं पंचायती राज विभाग की मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहीं। उन्होंने गुरुवार को राज्य के 25 प्रखंड विकास पदाधिकारियों को विभागीय वाहन उपलब्ध कराए गए। वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
मौके पर उन्होंने सभी नवनियुक्त बीडीओ को बधाई दी। कहा कि इस पहल से विकास योजनाओं की जमीनी निगरानी, क्षेत्रीय निरीक्षण और आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान में तेजी आएगी।
उन्होंने कहा कि वाहन की कमी के कारण कई बार योजनाओं की निगरानी प्रभावित होती थी। इसे दूर करने के लिए यह पहल की गई है। उन्होंने कहा कि शेष प्रखंडों में भी जल्द विभागीय वाहन उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री ने कहा कि वर्तमान में अधिकारियों पर विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), पेसा कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीण विकास योजनाओं के संचालन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने पंचायतों को आय के स्रोत बढ़ाने, डिजिटल पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने और पंचायत स्तर पर अधिकाधिक सेवाएं उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में सचिव मनोज कुमार, अपर सचिव प्रेरणा दीक्षित, अपर सचिव अरुण कुमार सिंह, संयुक्त सचिव एस अली खान सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

