
रांची : झारखंड में लंबे अंतराल के बाद मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पिछले कई दिनों से उमस और गर्मी का सामना कर रहे लोगों को अब राहत मिलने लगी है। राजधानी रांची सहित राज्य के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से बने मजबूत मौसमी तंत्र के प्रभाव से झारखंड में अगले दो दिनों तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है। इसके चलते कई जिलों में गरज के साथ तेज बारिश देखने को मिल सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र अब और अधिक मजबूत हो गया है। इसका प्रभाव ओडिशा के उत्तरी हिस्से से होते हुए झारखंड के ऊपर बना हुआ है। यही कारण है कि राज्य में मानसून दोबारा सक्रिय हो गया है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि इस मौसमी प्रणाली का असर अगले 48 घंटे तक बना रहेगा, जिससे अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश होगी।
रांची में हुई जोरदार बारिश, तापमान में आई गिरावट
राजधानी रांची में रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। दिनभर हल्की वर्षा के बाद शाम के समय कई इलाकों में तेज बारिश हुई। लगातार हुई वर्षा के कारण लोगों को उमस से राहत मिली और मौसम काफी सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार, रांची में लगभग 30 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके साथ ही अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग दो डिग्री सेल्सियस नीचे पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य के आसपास बना रहा।
अगले 48 घंटे झारखंड में भारी बारिश की संभावना
मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार के लिए भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा की संभावना जताई है। कई जिलों में गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि सक्रिय मानसून के कारण लगातार बादल छाए रहेंगे और अनेक स्थानों पर अच्छी वर्षा दर्ज की जा सकती है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पलामू सबसे गर्म जिला, लेकिन तापमान में राहत के संकेत
हालांकि अधिकांश जिलों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, फिर भी पलामू राज्य का सबसे गर्म जिला बना हुआ है। यहां अधिकतम तापमान 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दूसरी ओर, रांची सहित कई जिलों में वर्षा के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया, जिससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि अगले दो दिनों तक वर्षा का सिलसिला जारी रहता है तो तापमान में और कमी दर्ज की जा सकती है।

