
Ranchi : राजधानी रांची के चुटिया थाना क्षेत्र स्थित निवारणपुर में आरएसएस के प्रांतीय कार्यालय पर 16 जून की रात हुए पेट्रोल बम हमले की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में झारखंड एटीएस ने राज्यभर में आतंकी संगठनों से जुड़े 61 संदिग्धों का सत्यापन शुरू कर दिया है। इसके लिए एटीएस ने राज्य के सभी 24 जिलों के एसएसपी और एसपी को पत्र भेजकर संदिग्धों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाने का निर्देश दिया है।
उधर, मामले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने गिरफ्तार दो आरोपियों अमन अंसारी और स्याम सुजान को सात दिनों की रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू की है। तीन दिनों की पूछताछ में जांच एजेंसी को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं।
जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, प्रारंभिक स्तर पर इस हमले को केवल स्थानीय वारदात नहीं माना जा रहा है। एनआईए को पूछताछ में ऐसे संकेत मिले हैं कि आरोपित पाकिस्तान और दुबई में बैठे कथित विदेशी हैंडलरों के संपर्क में थे। पूछताछ के दौरान यह भी जानकारी मिली कि वे सुरक्षित मैसेजिंग और वीडियो कॉलिंग प्लेटफॉर्म के जरिए संपर्क में रहते थे तथा वहीं से पेट्रोल बम बनाने और उसके इस्तेमाल से संबंधित प्रशिक्षण प्राप्त किया था। हालांकि इन दावों की जांच अभी जारी है और अंतिम निष्कर्ष एनआईए की जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
इधर, झारखंड एटीएस ने राज्य में सक्रिय आतंकी नेटवर्क और संभावित स्लीपर सेल पर निगरानी बढ़ा दी है। एटीएस की तैयार सूची में कुल 61 संदिग्ध शामिल हैं, जिनमें 12 संदिग्धों का संबंध कथित तौर पर आईएसआईएस और 49 का अलकायदा से जुड़े नेटवर्क से बताया गया है। सभी जिलों की पुलिस को इन संदिग्धों का सत्यापन कर उनकी गतिविधियों पर नजर रखने का निर्देश दिया गया है।
जांच एजेंसियों का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल एनआईए और झारखंड एटीएस दोनों एजेंसियां समन्वय के साथ पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हुई हैं।

