
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला मुख्यालय स्थित मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत रोरो गांव में रविवार की शाम एक दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहां रोरो नदी में नहाने के दौरान पैर फिसलने से गहरे पानी में डूबकर एक महिला की असमय मौत हो गई। मृतका की पहचान गांव की ही मुनि सुंडी के रूप में की गई है। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार और पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार शाम मुनि सुंडी रोजाना की तरह घर के पास स्थित रोरो नदी में नहाने के लिए गई हुई थीं। इसी दौरान अचानक नदी के तेज बहाव में ढलान पर उसका पैर फिसल गया, जिससे वह सीधे गहरे पानी में समा गईं। तट पर मौजूद उसकी पोती ने जब अपनी दादी को डूबते देखा, तो उसने शोर मचाना शुरू किया और भागकर परिजनों व ग्रामीणों को इसकी सूचना दी। चीख-पुकार सुनकर भारी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर जुटे। स्थानीय लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत नदी में खोजबीन शुरू की। काफी मशक्कत के बाद महिला को पानी से बाहर निकाला गया। उस वक्त उसकी सांसें चल रही थीं, जिसके बाद परिजन आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल चाईबासा ले जाने की तैयारी में जुट गए।
यातायात की कमी बनी बड़ी बाधा
ग्रामीणों ने बताया कि रोरो गांव बेहद सुदूर और जंगली इलाके में है। भौगोलिक रूप से कटे होने के कारण आपातकालीन स्थिति में वहां समय पर किसी वाहन की व्यवस्था नहीं हो पाई। गाड़ी ढूंढने और अस्पताल की दूरी तय करने में काफी कीमती समय बर्बाद हो गया। जब तक परिजन महिला को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के तुरंत बाद मुनि सुंडी को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों का मानना है कि अगर महिला को थोड़ा पहले चिकित्सा मिल जाती, तो शायद उसकी जान बचाई जा सकती थी।
पुलिसिया कार्रवाई शुरू
अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर मुफस्सिल थाना की पुलिस टीम अस्पताल परिसर पहुंची। पुलिस ने परिजनों से घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई पूरी की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर सुदूर ग्रामीण इलाकों में आपातकालीन स्वास्थ्य और परिवहन सेवाओं की लचर स्थिति को उजागर कर दिया है।

