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Mining Management System : अवैध खनन पर सरकार का डिजिटल प्रहार, जिम्स 2.0 योजना को मिली 27.73 करोड़ की मंजूरी

by Nikhil Kumar
Jharkhand JIMS 2.0
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रांची : झारखंड सरकार ने राज्य में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिम्स (झारखंड समेकित खान एवं खनिज प्रबंधन प्रणाली) 2.0 योजना को 27 करोड़ 73 लाख 82 हजार 589 रुपये की घटनोत्तर प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है। खान एवं भूतत्व विभाग की ओर से जारी संकल्प के अनुसार इस योजना का उद्देश्य खनिजों के उत्खनन, परिवहन और राजस्व संग्रह की पूरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और तकनीक आधारित बनाना है।

झारखंड में कोयला, पत्थर, बालू, लौह अयस्क और अन्य खनिजों के अवैध खनन एवं परिवहन की शिकायतें लंबे समय से सामने आती रही हैं। विशेष रूप से साहिबगंज, पाकुड़, दुमका, धनबाद, रामगढ़, हजारीबाग, बोकारो, गिरिडीह, चतरा, लातेहार और पलामू जैसे जिलों में समय-समय पर अवैध खनन और परिवहन के मामले सामने आते रहे हैं। इन गतिविधियों से सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ पर्यावरण और कानून-व्यवस्था पर भी असर पड़ता है।

जिम्स 2.0 को पहले की तुलना में अधिक आधुनिक और उन्नत बनाया गया है। नई प्रणाली में खनन पट्टों का ऑनलाइन प्रबंधन, खनिज परिवहन परमिट की ऑनलाइन स्वीकृति, ई-चालान जारी करने की सुविधा, खनिजों की रियल टाइम ट्रैकिंग, राजस्व संग्रह की ऑनलाइन निगरानी, डैशबोर्ड आधारित मॉनिटरिंग तथा विभिन्न विभागों के आंकड़ों का एकीकृत विश्लेषण जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा हेल्पडेस्क और तकनीकी सहायता व्यवस्था भी पहले से अधिक मजबूत की जाएगी, जिससे खनिजों के उत्पादन से लेकर परिवहन और राजस्व संग्रह तक की पूरी प्रक्रिया एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होगी।

सरकार का मानना है कि नई प्रणाली लागू होने से फर्जी परिवहन चालान, बिना अनुमति खनिज ढुलाई, राजस्व चोरी और अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगेगा। साथ ही अधिकारियों को रियल टाइम सूचना मिलने से निगरानी और कार्रवाई पहले की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी हो सकेगी।

योजना के तहत प्रणाली के विकास, संचालन, रखरखाव, परियोजना प्रबंधन इकाई, तकनीकी सहायता और हेल्पडेस्क का संचालन किया जाएगा। परियोजना प्रबंधन इकाई में कार्यरत कर्मियों के जून 2025 से लंबित वेतन का भुगतान भी इसी योजना से किया जाएगा।

परियोजना की कुल लागत 27.73 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक लागू रहेगी। सरकार का कहना है कि जिम्स 2.0 के लागू होने से खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी, अवैध खनन पर प्रभावी लगाम लगेगी और राज्य के राजस्व में भी वृद्धि होगी। मंत्रिपरिषद से इस पर पहले ही स्वीकृति ली गई थी, अब खान एवं भूतत्व विभाग ने इसकी घटनोत्तर प्रशासनिक स्वीकृति जारी कर दी है।

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