
चाईबासा : पश्चिम सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर नगर परिषद क्षेत्र में प्रस्तावित विकास योजनाओं को गति देने के लिए शुक्रवार को एक बड़ा कदम उठाया गया। रेलवे क्षेत्र में लंबित नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों को धरातल पर उतारने के उद्देश्य से चक्रधरपुर रेलवे मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया और नगर परिषद अध्यक्ष सन्नी उरांव ने संयुक्त रूप से विभिन्न इलाकों का दौरा किया। इस महत्वपूर्ण स्थल निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित योजनाओं के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की अड़चनों को दूर करना और कार्यस्थलों की वास्तविक स्थिति का जायजा लेना था।
जलजमाव और बुनियादी समस्याओं पर रहा फोकस
संयुक्त निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से उन रेल क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो लंबे समय से जलजमाव की समस्या से जूझ रहे हैं। अधिकारियों ने मुख्य ड्रेनों (नालों), सड़कों और नालियों की वर्तमान स्थिति को देखा। नगर परिषद द्वारा प्रस्तावित विकास कार्यों के लिए रेलवे की ओर से जल्द से जल्द एनओसी (NOC) जारी करने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विस्तृत और सकारात्मक बातचीत हुई।
इस मौके पर रेलवे और नगर परिषद के कई आला अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से नगर परिषद उपाध्यक्ष विजय कुमार साव,कार्यपालक पदाधिकारी विजय हांसदा
संबंधित वार्डों के पार्षद शामिल थे।
विकास कार्यों में तेजी आएगी : अध्यक्ष
नगर परिषद अध्यक्ष सन्नी उरांव ने निरीक्षण के बाद बताया कि रेलवे और गैर-रेलवे सीमा से सटी कई ऐसी जनोपयोगी योजनाएं हैं, जो रेलवे की मंजूरी न मिलने के कारण रुकी हुई थीं। इसी गतिरोध को समाप्त करने के लिए डीआरएम के साथ यह संयुक्त दौरा तय किया गया था। उन्होंने कहा कि डीआरएम के साथ हुआ यह निरीक्षण बेहद सकारात्मक और सार्थक रहा है। हमें पूरी उम्मीद है कि जल्द ही आवश्यक एनओसी मिल जाएगी, जिसके बाद विकास कार्यों में तेजी आएगी। इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से स्थानीय लोगों को वर्षों पुरानी जलजमाव की समस्या से मुक्ति मिलेगी। साथ ही सड़क और नाली जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार होने से रेलवे व गैर-रेलवे दोनों क्षेत्रों के नागरिकों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
रेलवे क्षेत्र का सूरत जल्द ही बदलेगी
इस संयुक्त पहल के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि चक्रधरपुर के रेल क्षेत्र से सटे इलाकों की सूरत जल्द ही बदलेगी और स्थानीय निवासियों को नागरिक समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी।

