
पलामू : कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने और अपराध पर पूरी तरह लगाम लगाने के लिए पलामू पुलिस ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है। पुलिस ने आपराधिक इतिहास वाले करीब 2000 लोगों को अपने रडार पर ले रखा है। इनकी हर गतिविधि पर पुलिस लगातार नजर रख रही है।
अपराध की प्रकृति के मुताबिक बनाई सूची
पलामू एसपी कपिल चौधरी के निर्देश पर पुलिस ने पुराना क्रिमिनल बैकग्राउंड वाले लोगों की पहले एक विस्तृत सूची तैयार की। इसके बाद इन अपराधियों को अपराध की प्रकृति के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटा। सबसे ज्यादा निगरानी वाले लोग मेदिनीनगर, चैनपुर और लेस्लीगंज इलाकों से हैं।
अपराध रोकने के लिए बनीं तीन विशेष टीमें
जिले को अपराध मुक्त बनाने और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए पुलिस ने तीन अलग-अलग स्पेशल टीमों का गठन किया। इन टीमों की कमान सब-इंस्पेक्टर (दारोगा) स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। ये टीमें मुख्य रूप से तीन तरह के गंभीर अपराधों के खिलाफ काम करेंगी।
नारकोटिक्स (नशीले पदार्थों की तस्करी)
आर्म्स एक्ट (अवैध हथियार रखना या सप्लाई करना)
प्रॉपर्टी ऑफेंस (लूट, डकैती और चोरी जैसे संपत्ति से जुड़े अपराध)
होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
एसपी कपिल चौधरी के अनुसार पुलिस जिले में शांति का माहौल बनाए रखने के लिए हर मुमकिन कदम उठा रही है। निगरानी सूची में शामिल लोगों की हरकतों को देखा जा रहा है। अगर किसी की भी गतिविधि संदिग्ध पाई जाती है, तो उसके खिलाफ सीसीए (CCA) लगाने, जिलाबदर करने (जिले से बाहर निकालने) या फिर नियमित रूप से थाने में हाजिरी लगाने जैसी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य पलामू जिले से आपराधिक ताकतों का पूरी तरह खात्मा करना है।
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