
चाईबासा : चाईबासा कोर्ट परिसर में उस वक्त अफरा तफरी मच गई जब पुलिस के जवानों ने एक युवक को पकड़ कर जबरन जीप में बैठा दिया। हद तो तब गई जब सादे लिबास में पहुंचे कुछ पुलिस जवानों ने बिना पहचाने ही शक के आधार पर कोर्ट परिसर से वकीलों की मौजूदगी में उस युवक को उठा लिया पर दस मिनट के अंदर ही उसे वापस लाकर छोड़ दिया।
यह देख कोर्ट परिसर में मौजूद वकील भी दंग रह गए। ले जाते समय कुछ वकील उसे छुड़ाने के प्रयास में पीछे-पीछे गए, लेकिन पुलिस के जवान उस युवक को पुलिस वाहन में बैठा कर चलते बने। मजेदार की बात तो यह है कि जिस युवक को पुलिस ने उठा कर ले गई थी मात्र 10 मिनट के अंदर ही उसे वापस लाकर वहां छोड़ दिया।
पता चला कि पुलिस किसी अन्य की तलाश में यहां पहुंची हुई थी, पर गलत सूचना या धोखे में उस युवक को पकड़ लिया था। इस घटना से कोर्ट परिसर में कुछ देर के लिए अफरा तफरी मच गई थी। लोग कुछ समझ पाते कि तबतक पुलिस वालों ने उसे उठा कर अपने साथ ले गई। हाटगम्हारिया थाना प्रभारी उत्तम तिवारी ने बताया कि एक मामले में संलिप्त होने की सूचना पर उसे कोर्ट के सामने से उठाया गया था, लेकिन वह शामिल नहीं होने के कारण उसे छोड़ दिया गया।
स्टेट बार काउंसिल के सदस्य अधिवक्ता अनिल महतो ने घटना की घोर निंदा की, जिला जज से करेंगे शिकायत
पुलिस की इस कार्रवाई से स्टेट बार काउंसिल के सदस्य अधिवक्ता अनिल महतो ने घटना की घोर निंदा की है। उन्होंने कहा कि कोर्ट परिसर से वकीलों की मौजूदगी में किसी व्यक्ति को इस तरह से उठाकर ले जाना न्याय संगत नहीं है। किसी व्यक्ति को यहां से उठाने से पहले न्यायालय के रजिस्टर या किसी सक्षम पदाधिकारी से बात करनी चाहिए थी।
किसी व्यक्ति को वकील के सामने से पकड़ कर जबरन ले जाना बिल्कुल गलत है। इसकी शिकायत जिला जज से की जाएगी। हालांकि पुलिस जिस युवक को उठाकर ले गई थी वह युवक चक्रधरपुर का रहने वाला संदीप बोदरा है। वह एक केस के सिलसिले में यहां आया था। लेकिन हाटगम्हारिया थाने की पुलिस ने उसे शक के आधार पर उठाकर ले गई, पर अपनी गलती एहसास होते ही 10 मिनट के अंदर ही उसे यहां लाकर छोड़ दिया।

