
जमशेदपुर : स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर टाटा स्टील ने भविष्य के टिकाऊ उत्पादन, डिजिटल बदलाव और सुरक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। जमशेदपुर स्थित कंपनी परिसर में शनिवार को राष्ट्र ध्वज फहराने के बाद अपने संबोधन में कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस) चैतन्य भानू ने कहा कि
कंपनी आने वाले वर्षों में जमशेदपुर और अपनी अन्य इकाइयों में बड़े स्तर पर निवेश और आधुनिक तकनीकों को लागू करने जा रही है।
जमशेदपुर प्लांट में ₹10,000 करोड़ का भारी निवेश
कंपनी जमशेदपुर में लगभग ₹10,000 करोड़ के बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रही है।
इसके तहत नई हरित तकनीकें (Green Technologies): यहाँ दो प्रमुख प्रायोगिक परियोजनाएँ शुरू की जा रही हैं:
* इजीमेल्ट (EASYMELT) प्रोजेक्ट: जर्मन कंपनी (SMS Group) के साथ साझेदारी में एक ब्लास्ट फर्नेस को रूपांतरित किया जा रहा है। इसमें केवल कोक (Coke) ईंधन पर निर्भर न रहकर सिनगैस (Syngas) और प्लाज्मा हीटर का उपयोग किया जाएगा, जिससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा।
* हिसारना (Hisarna) तकनीक: नीदरलैंड्स में विकसित इस तकनीक का 1 मिलियन टन का बड़ा प्लांट जमशेदपुर में लगाया जाएगा। इससे लगभग 20% तक कोक की खपत कम होगी और प्लांट के वेस्ट (वेस्ट मटेरियल) का बेहतर उपयोग हो सकेगा। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनी ‘न्यूकोर’ (Nucor) के साथ साझेदारी की गई है।
* टीसीआईएल (TCIL) और कॉम्बी मिल का विस्तार: टीसीआईएल के विस्तार पर लगभग ₹2,500 करोड़ खर्च किए जा रहे हैं, जिससे क्षमता बढ़कर 0.7 मिलियन टन हो जाएगी। इसके अलावा कॉम्बी मिल में भी ₹1,500 करोड़ का निवेश किया जा चुका है।

एआई और डिजिटल तकनीक का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल
टाटा स्टील अपने ऑपरेशन्स को आधुनिक बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन का तेजी से उपयोग कर रही है:
* रिमोट कंट्रोल रूम्स: सिंटर प्लांट और पेलेट प्लांट जैसे अंदरूनी कंट्रोल रूम्स को अब आईटी सेंटर से रिमोटली (बाहर से) नियंत्रित किया जा रहा है।
* 840+ एआई टूल्स और सेंसर्स: मशीनों में सेंसर्स (डॉक्टर के स्टेथोस्कोप की तरह) लगाए गए हैं, जो मशीनों के कंपन और परफॉर्मेंस का डेटा real-time में मोबाइल पर देते हैं। इससे ब्रेकडाउन (मशीन खराब होने) की समस्या बेहद कम हो गई है।
* विश्व आर्थिक मंच (WEF) में पहचान: जमशेदपुर सहित कंपनी की 3 प्रमुख फैसिलिटीज डिजिटल और एआई के प्रभावी उपयोग के मामले में वैश्विक स्तर पर अग्रणी स्थिति में हैं।

एआई के माध्यम से सुरक्षा (Safety) में सुधार
प्लांट के भीतर कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एआई आधारित मॉडल्स का उपयोग किया जा रहा है:
* डेटा के आधार पर एआई मॉडल यह प्रेडिक्ट (पूर्वानुमान) करते हैं कि प्लांट के किस हिस्से में जोखिम ज्यादा है, ताकि मैनेजर्स सही समय पर वहाँ ध्यान दे सकें और हादसों को रोका जा सके।

कर्मचारियों की री-स्किलिंग और विदेश में ट्रेनिंग
नई तकनीकों को संभालने के लिए कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा:
* आंतरिक टैलेंट पूल से अधिकारियों और सुपरवाइजर्स को चुना जा रहा है।
* शुरुआती बैच के कर्मचारियों को नीदरलैंड्स (इम्यूडेन) स्थित पायलट प्लांट में ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा।
प्लांट में टू-व्हीलर बंद करने की तैयारी
प्लांट के भीतर सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कंपनी परिसर में टू-व्हीलर्स की आवाजाही को चरणबद्ध तरीके से बंद करने की योजना बना रही है:
* पुरानी सड़कें, संकरे रास्ते और भारी वाहनों की आवाजाही को देखते हुए सुरक्षा कारणों से यह कदम उठाया जा रहा है।
* यूनियन और कर्मचारियों की सहमति: कंपनी यूनियन और कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ मिलकर सर्वसम्मति से इस व्यवस्था को लागू करने पर काम कर रही है।
कंपनी का संदेश
> “हमारा उद्देश्य न केवल अगले कुछ वर्षों के लिए निर्माण करना है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए एक मजबूत, तकनीक-समृद्ध और टिकाऊ भविष्य की नींव रखना है। इसी से हम ‘विकसित भारत’ के सपने में योगदान दे सकते हैं।”



