
गुमला: रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो ने गुरुवार को एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। ताजा मामला गुमला जिले के पालकोट प्रखंड का है, जहां महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी हरीश प्रजापति को घूस लेते रंगे हाथ दबोच लिया गया। रांची से अचानक पहुंची विशेष टीम ने इस पूरी मुहिम को इतनी गोपनीयता से अंजाम दिया कि किसी को भनक तक नहीं लगी।
शिकायत की पुष्टि के बाद कसा गया शिकंजा
बताया जा रहा है कि बीपीओ हरीश प्रजापति द्वारा काम के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत किसी पीड़ित ने एसीबी के पास दर्ज कराई थी। एजेंसी ने पहले मामले की गुप्त जांच कराई और आरोपों की सच्चाई परखने के बाद जाल बिछाया। रणनीति के तहत जैसे ही अधिकारी ने रिश्वत की रकम हाथ में ली, घात लगाए बैठी टीम ने उन्हें रंगे हाथ धर दबोचा।
कार्रवाई के बाद मची अफरा-तफरी
गिरफ्तारी के फौरन बाद एसीबी की टीम आरोपी अफसर को अपने साथ रांची ले गई, जहां उनसे आगे की कानूनी लिखापढ़ी और पूछताछ की जा रही है। प्रखंड मुख्यालय से अधिकारी के गिरफ्तार होते ही दफ्तर के बाकी कर्मियों और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। एसीबी की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच खलबली मची है।

