
Jamshedpur : एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में छत गिरने की घटना को 15 महीने से अधिक समय बीत चुके हैं, लेकिन हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को अब तक मुआवजा राशि नहीं मिल सकी है। सूचना का अधिकार (आरटीआई) के तहत अस्पताल प्रशासन की ओर से दिए गए जवाब में इसका खुलासा हुआ है। यह आरटीआई आवेदन जन विकास मंच के अध्यक्ष सौरभ विष्णु ने दायर किया था, जिसका जवाब उन्हें अभी 31 अगस्त को ही प्राप्त हुआ है।
अस्पताल प्रशासन के जवाब के मुताबिक, मुआवजे की राशि अभी भी प्रशासनिक प्रक्रिया में लंबित है। प्रक्रिया के तहत सिविल सर्जन को राशि की निकासी कर बैंक ड्राफ्ट के माध्यम से पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को सौंपना है। इसके बाद उपायुक्त कार्यालय की ओर से मृतकों और घायलों की पहचान एवं सत्यापन के साथ उनके बैंक खाते से संबंधित जानकारी जुटाकर डीबीटी के माध्यम से मुआवजा राशि हस्तांतरित की जानी है।

आरटीआई के जवाब से यह स्पष्ट है कि यह पूरी प्रक्रिया अभी तक पूरी नहीं हुई है। खास बात यह है कि आवेदन में यह सवाल भी पूछा गया था कि यदि मुआवजा अब तक नहीं दिया गया है तो इसकी वजह क्या है, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इसके बजाय मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया का ही उल्लेख कर दिया गया।
मृत्यु प्रमाण पत्र को लेकर भी उठे सवाल
अस्पताल प्रशासन ने अपने जवाब में कहा है कि हादसे में मृत सभी लोगों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। हालांकि, तीसरे पक्ष को प्रमाण पत्र की प्रति उपलब्ध कराने का प्रावधान नहीं होने का हवाला देते हुए आरटीआई आवेदक को प्रमाणित छायाप्रति देने से इनकार कर दिया गया।
वहीं, पीड़ित परिवारों की ओर से लगातार यह कहा जाता रहा है कि उन्हें अब तक मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं हुआ है। ऐसे में अस्पताल प्रशासन के जवाब और परिजनों के दावों में अंतर सामने आया है। इससे मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने की वास्तविक स्थिति को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
जन विकास मंच ने मांगा तत्काल स्पष्टीकरण
जन विकास मंच के अध्यक्ष सौरभ विष्णु ने कहा कि यह अस्पताल प्रशासन का लिखित जवाब है और इसे संगठन का आरोप नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि 15 महीने बीतने के बाद भी मुआवजा प्रशासनिक प्रक्रिया में फंसा हुआ है। जिस सवाल में देरी का स्पष्ट कारण पूछा गया था, उसका भी सीधा जवाब नहीं दिया गया।
उन्होंने कहा कि मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने का अस्पताल का दावा भी पीड़ित परिवारों के बयानों से मेल नहीं खाता है। जन विकास मंच ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त कार्यालय से मांग की है कि पूरे मामले में तत्काल स्थिति स्पष्ट की जाए और सत्यापन तथा मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया जल्द पूरी कर पीड़ित परिवारों को राहत दी जाए।
संगठन ने स्पष्ट किया है कि यह मामला पूरी तरह पीड़ित परिवारों को न्याय और मुआवजा दिलाने से जुड़ा है तथा इसका किसी राजनीतिक दल या राजनीतिक गतिविधि से कोई संबंध नहीं है।

