
Jamshedpur : डुमरी विधायक जयराम महतो के समर्थन में जमशेदपुर के दो पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो और आभा महतो ने गुरुवार को अपने आवासीय कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि एक विधायक के पीछे पूरी राज्य पुलिस का पड़ना गंभीर मामला है। मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष का इस मामले में मूकदर्शक बने रहना राज्यहित में नहीं है।
पूर्व सांसदों ने कहा कि यह मामला विधायिका और कार्यपालिका के बीच टकराव का रूप ले रहा है। सरकार को समय रहते हस्तक्षेप करना चाहिए, अन्यथा इसके गंभीर परिणाम राज्य को भुगतने पड़ सकते हैं। उन्होंने आशंका जताई कि 8 से 10 सितंबर तक झारखंड पुलिस संगठन अपनी रणनीति तय करेगा। यदि आंदोलन की स्थिति बनती है तो यह राज्य के लिए घातक साबित हो सकता है।
पूर्व सांसद शैलेंद्र महतो ने कहा कि संबंधित थाने में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। इसलिए मामले की उच्चस्तरीय जांच कराकर फुटेज की जांच की जानी चाहिए। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि जयराम महतो ने सरकारी कार्य में किस तरह बाधा डाली। उन्होंने आरोप लगाया कि धनबाद के बरवाअड्डा थाना की पुलिस ने जयराम महतो के खिलाफ गलत तरीके से प्राथमिकी दर्ज की है। उन्होंने कहा कि जयराम महतो जनता के प्रतिनिधि हैं और जनता की समस्याओं को लेकर थाना प्रभारी से बातचीत कर रहे थे।
जयराम महतो के कथित गाली-गलौज वाले ऑडियो के वायरल होने के सवाल पर शैलेंद्र महतो ने कहा कि “एक हाथ से ताली नहीं बजती।” उन्होंने कहा कि संभव है कि थाना प्रभारी की ओर से भी कुछ ऐसी बात कही गई हो, जिससे विधायक नाराज हुए हों। उन्होंने कहा कि यदि जयराम महतो के खिलाफ कार्रवाई को लेकर पुलिस आंदोलन करती है तो यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर और चिंताजनक स्थिति होगी।
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