
रांची : झारखंड के सियासी समर में नई जान फूंकने के लिए राहुल गांधी का तूफानी दौरा तय हो चुका है। कांग्रेस नेतृत्व ने इस दौरे को लेकर अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। राहुल गांधी नवंबर के पहले हफ्ते में राज्य के दौरे पर पहुंच रहे हैं। इस सिलसिले में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के प्रदेश प्रभारी के. राजू ने प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश को खत लिखकर सभी तैयारियों का खाका सौंप दिया है।
राहुल गांधी का यह दौरा दो अलग-अलग मोर्चों पर केंद्रित रहने वाला है। पहला पड़ाव भगवान बिरसा मुंडा की धरती खूंटी होगा। खूंटी में राहुल गांधी पांचवीं अनुसूची के तहत आने वाले गांवों के पारंपरिक ग्राम प्रधानों (मांझी, परगानैत और मुंडा) के साथ सीधे रूबरू होंगे। इस दौरान वे PESA नियमावली के जमीनी क्रियान्वयन पर चर्चा करेंगे। दूसरा पड़ाव प्रदेश की राजधानी रांची होगा, जहां वे जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में शिरकत करेंगे। इस बैठक की खास बात यह होगी कि इसमें पार्टी पदाधिकारियों के परिवारों को भी आमंत्रित किया गया है।
पेसा नियमावली को मास्टरस्ट्रोक बनाने में जुटी कांग्रेस
राहुल गांधी के आगमन से पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ता जमीनी स्तर पर माहौल बनाने में जुट जाएंगे। प्रभारी के. राजू के निर्देशों के मुताबिक, राज्यभर के पारंपरिक ग्राम प्रधानों की सूची तैयार की जा रही है। राहुल गांधी के संवाद कार्यक्रम में हर ग्राम प्रधान को सम्मानपूर्वक लाने के लिए व्यक्तिगत निमंत्रण पत्र भेजे जाएंगे।
अक्टूबर के महीने में ही राज्य के सभी प्रखंड मुख्यालयों पर ग्राम सभा प्रधानों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित होंगी। इन ट्रेनिंग कैंपों में पार्टी के जिलाध्यक्षों, ब्लॉक प्रमुखों और पेसा मास्टर ट्रेनरों की मौजूदगी जरूरी कर दी गई है। आयोजन में किसी भी चूक से बचने के लिए राज्य और जिला स्तर पर विशेष निगरानी समितियां गठित की जा रही हैं।
वर्ष 1996 में बने केंद्रीय पेसा कानून की राज्य नियमावली 27 जुलाई 2026 को अधिसूचित की गई है। कांग्रेस कोटे से ग्रामीण विकास मंत्री बनीं दीपिका पांडेय सिंह ने इसे अमलीजामा पहनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। यही वजह है कि पार्टी पेसा नियमावली को अपनी एक बड़ी नीतिगत और राजनीतिक कामयाबी मानकर जनता के बीच ले जा रही है।
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