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Jharkhand Politics : फिर चर्चा में पूर्व मंत्री योगेंद्र साव, हुडहुड़ु में 50 डिसमिल जमीन पर घमासान, सीओ और साव में तू-तू,मैं-मैं

Jharkhand Politics : ​प्रशासनिक कार्रवाई से भड़के योगेंद्र साव ने इस दौरान सीधे राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर ही निशाना साधा है।

by Kanchan Kumar
: Yogendra Sao during Hurhuru land dispute in Hazaribagh
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हजारीबाग : सदर के हुडहुड़ु इलाके में कैंटोनमेंट मौजा की 50 डिसमिल जमीन का मामला एक बार फिर गर्मा गया है। साल 2023 से चला आ रहा यह जमीन विवाद अब खुलकर सड़कों पर आ गया है। इस पूरे मामले में राज्य के पूर्व मंत्री योगेंद्र साव पर जमीन हथियाने का आरोप है। प्रशासन इसे सरकारी संपत्ति मान रहा है।

​सदर अंचल अधिकारी आशुतोष कुमार का कहना है कि यह जमीन ‘खास महल’ की है और इस पर अवैध रूप से कब्जा जमाया गया है। जमीन के रिन्यूअल से जुड़ा प्रस्ताव फिलहाल सरकार के पास भेजा जा चुका है। शुक्रवार को जब सीओ अपनी टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर कब्जा हटाने पहुंचे तो वहां का नजारा अचानक बदल गया।

कार्रवाई की भनक मिलते ही पूर्व मंत्री योगेंद्र साव भी वहां आ धमके। इसके बाद सीओ और पूर्व मंत्री के बीच तीखी झड़प शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों ओर से जुबानी तीर चलने लगे। आरोप है कि बहस के दौरान योगेंद्र साव ने सीओ के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया, जिससे मौके पर काफी देर तक अफरातफरी और तनाव का माहौल बना रहा।

प्रशासन ने दिया बुधवार तक का अल्टीमेटम

​प्रशासनिक कार्रवाई से भड़के योगेंद्र साव ने इस दौरान सीधे राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर ही निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि झारखंड की मौजूदा अबुआ सरकार में कायदे-कानून को दरकिनार करके मनमानी कार्रवाई की जा रही है। योगेंद्र साव का दावा है कि जमीन का मामला अभी कानूनी प्रक्रिया के तहत विचाराधीन है। ऐसे में अंतिम फैसला आए बिना सीओ का इस तरह आनन-फानन में बुलडोजर या अमला लेकर पहुंचना पूरी तरह गलत है।

​दूसरी ओर, प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि विवादित जमीन पर अवैध रूप से खटाल खोल लिया गया है और रास्ते को भी घेर लिया गया है। दोनों ही पक्ष जमीन के मालिकाना हक को लेकर अपने-अपने तर्क दे रहे हैं। सीओ ने भारी हंगामे के बीच मौके पर पहुंचकर सड़क से अतिक्रमण तो साफ करवा दिया, लेकिन वहां बने खटाल और बाकी अवैध कब्जे को पूरी तरह हटाने के लिए बुधवार तक की मोहलत दी है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि तय समय में कब्जा नहीं हटा तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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