
Jamshedpur : केंद्र सरकार के खान एवं खनिज (संशोधन) कानून यानी एमएमडीआर के विरोध में शनिवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने पोटका विधानसभा क्षेत्र के तीनों प्रखंड मुख्यालयों में प्रदर्शन किया। पोटका, जमशेदपुर और डुमरिया में आयोजित कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिला-पुरुष और पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए।
पोटका प्रखंड मुख्यालय में आयोजित धरना-प्रदर्शन में करीब पांच हजार लोगों के शामिल होने का दावा किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व पोटका विधायक संजीव सरदार ने किया। प्रदर्शन के बाद बीडीओ और सीओ को ज्ञापन सौंपकर एमएमडीआर बिल के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
सभा को संबोधित करते हुए संजीव सरदार ने केंद्र सरकार पर झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के अधिकारों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य की प्राकृतिक पूंजी है और इससे होने वाली आय का लाभ राज्य के विकास तथा आम लोगों को मिलना चाहिए।
विधायक ने आरोप लगाया कि एमएमडीआर बिल के जरिए राज्य के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा चुनाव में हेमंत सोरेन के नेतृत्व को नहीं हरा सकी तो अब दूसरे रास्तों से झारखंड के खनिज पर नियंत्रण हासिल करने की कोशिश कर रही है।
संजीव सरदार ने मंईयां सम्मान योजना, पेंशन, अबुआ आवास समेत राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की नीतियों से इन योजनाओं के संचालन पर असर डालने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता के सहयोग से सड़क से सदन तक लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रहेगा।
पोटका के कार्यक्रम में विधानसभा क्षेत्र की 34 पंचायतों से कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों की भागीदारी रही। वहीं जमशेदपुर और डुमरिया प्रखंड मुख्यालयों में भी झामुमो कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर एमएमडीआर बिल का विरोध किया और ज्ञापन सौंपा।

