
Jamshedpur : कार्मेल बाल विहार स्कूल की प्राचार्या सिस्टर अमिका ए.सी. ने कहा कि दिव्यांग बच्चों का स्कूल में दाखिला उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा, “शिक्षा सफलता की कुंजी है। सही सहयोग और समर्थन मिलने पर सुनने में अक्षम बच्चे शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और उनके लिए आजीविका के बेहतर अवसरों का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।”
स्किल डेवलपमेंट, डिसेबिलिटी एंड स्पोर्ट्स के हेड कैप्टन अमिताभ ने कहा कि शिक्षा में जीवन को बदलने की शक्ति है और प्रत्येक बच्चे को सीखने, आगे बढ़ने तथा अपनी क्षमताओं को विकसित करने का समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से वंचित समुदायों के सुनने में असमर्थ बच्चों को पीछे न छूटने देने का प्रयास किया जा रहा है। उन्हें अपनी पूरी क्षमता हासिल करने के लिए आवश्यक सहयोग और अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
समावेशी समाज के निर्माण की दिशा में पहल
यह पहल टाटा स्टील फाउंडेशन के उस व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिसमें ऐसे समावेशी समाज के निर्माण की परिकल्पना की गई है, जहां दिव्यांगता शिक्षा, सहभागिता और अवसरों की राह में बाधा न बने।
विशेष शैक्षणिक संस्थानों और आवश्यक सहयोग प्रणालियों तक पहुंच सुनिश्चित कर फाउंडेशन दिव्यांग बच्चों के लिए सम्मानजनक, आत्मनिर्भर और सार्थक जीवन की राह को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।

