
Chaibasa : प्रकृति और लोक आस्था के महापर्व ‘करम परब’ के अवसर पर रविवार को पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में कुड़मी समाज द्वारा एक भव्य ‘करम जावा शोभायात्रा’ का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक आयोजन में समाज का अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला।
यह शोभायात्रा पोटका उलीडीह मोड़ से प्रारंभ होकर एनएच-75 (ई) मार्ग से गुजरते हुए आसनतलिया मैदान तक पहुंची। यात्रा मार्ग में पोटका चर्च, प्रेम निवास, इतवारी बाजार, एलआईसी कार्यालय, ओवरब्रिज, पवन चौक, भगत सिंह चौक, चेक नाका, प्रखंड कार्यालय और मारवाड़ी स्कूल जैसे प्रमुख स्थल शामिल रहे।
हजारों की संख्या में पहुंचे लोग
इस भव्य शोभायात्रा में चक्रधरपुर प्रखंड के लगभग 50 गांवों से हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त बंदगांव और सोनुवा प्रखंडों से भी कुड़मी समाज के लोग बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।
पारंपरिक परिधान और लोक संस्कृति की छटा
शोभायात्रा में शामिल महिला-पुरुष और बच्चे पारंपरिक परिधानों में सजे-धजे नजर आए। मांदर, ढोल और नगाड़ों की थाप के साथ-साथ पारंपरिक कुड़माली लोकगीतों पर युवा और बुजुर्ग झूमते-गाते आगे बढ़ रहे थे।
संस्कृति के संरक्षण का संदेश
छोटानागपुरी कुड़मी समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सामाजिक परंपराओं व रीति-रिवाजों से जोड़ना है। इसके माध्यम से युवाओं में सांस्कृतिक जागरूकता लाने और पूरे समाज को एकता के सूत्र में पिरोने का संदेश दिया गया।
सेवा शिविरों में हुआ जलपान का वितरण
शोभायात्रा के स्वागत में शहर के विभिन्न स्थानों जैसे उलीडीह मोड़, इतवारी बाजार, प्रभात सिनेमा हॉल के समीप, भगत सिंह चौक, अनुमंडल अस्पताल और प्रखंड कार्यालय पर सेवा स्टॉल लगाए गए थे। इन शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए फल, बुंदिया, जलेबी और शीतल जल का वितरण किया गया।
सामूहिक नृत्य-संगीत के साथ समापन
शोभायात्रा के आसनतलिया स्कूल मैदान पहुंचने पर सभी ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने विधिवत ‘जावा’ स्थापित किया। इसके पश्चात मांदर की गूंज पर देर शाम तक सामूहिक लोकनृत्य और संगीत का दौर चला, जिसमें बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने पारंपरिक उत्साह के साथ हिस्सा लिया।

