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BJP Jharkhand : निशा भगत आत्महत्या मामले की सीबीआई जांच हो : आदित्य साहू

by Nikhil Kumar
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धर्मांतरण और जमीन दलालों के खिलाफ आवाज उठाने के कारण निशाने पर थीं युवा नेत्री

रांची : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आदिवासी समाज की युवा नेत्री निशा भगत की आत्महत्या मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि निशा भगत धर्मांतरण और जमीन दलालों के खिलाफ लगातार आवाज उठा रही थीं। इन मुद्दों पर मुखर रहने के कारण वह कुछ तत्वों के निशाने पर थीं। ऐसे में उनकी मौत के पीछे किसी तरह का दबाव, धमकी या अन्य कारण तो नहीं था, इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।

आदित्य साहू ने रिम्स पहुंचकर घटना की जानकारी ली और परिजनों को सांत्वना दी। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकेगी और दोषियों को सजा दिलायी जा सकेगी। निशा भगत का निधन जनजातीय समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। इस दौरान केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, दीपक प्रकाश, भानु प्रताप शाही, मनोज सिंह और मेयर रोशनी खलखो सहित अन्य नेता मौजूद थे।

निशा भगत की मौत आदिवासी समाज की उम्मीदों पर प्रहार, जमीन दलालों को संरक्षण दे रही सरकार : बाबूलाल

पिठौरिया के दारोगा और अजय तिर्की की गिरफ्तारी तथा मामले की सीबीआई जांच की मांग

रांची : नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आदिवासी सामाजिक कार्यकर्ता निशा भगत की आत्महत्या के मामले में हेमंत सरकार पर निशाना साधते हुए जमीन दलालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि निशा भगत की मौत आदिवासी समाज की उम्मीदों और आकांक्षाओं पर प्रहार है। आत्महत्या से पहले फेसबुक लाइव पर उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर की थी, जो राज्य की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

मरांडी ने आरोप लगाया कि राज्य में जमीन दलालों को राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है और आदिवासियों की शिकायतों पर सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने पिठौरिया थाने के दारोगा और अजय तिर्की को तत्काल गिरफ्तार करने तथा पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनकी विधायक पत्नी मंचों से आदिवासी अधिकारों की बात करते हैं, लेकिन धरातल पर आदिवासियों को न्याय नहीं मिल रहा है।

मरांडी ने कहा कि यदि मुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था संभालने और जमीन दलालों पर नियंत्रण रखने में असमर्थ हैं तो उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने निशा भगत को न्याय दिलाने के लिए आदिवासी समाज से आंदोलन जारी रखने की अपील की।

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