
जमशेदपुर : बैठने या लेटने के बाद अचानक खड़े होते ही कई लोगों को चक्कर आने लगता है। कुछ क्षणों के लिए आंखों के सामने अंधेरा छा जाता है और शरीर का संतुलन बिगड़ने लगता है। ब्रह्मानंद अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. अरुण कुमार के अनुसार, सामान्यतः यह परेशानी कुछ सेकंड में ठीक हो जाती है, लेकिन बार-बार ऐसा होना शरीर में मौजूद किसी समस्या का संकेत भी हो सकता है। चिकित्सा की भाषा में इसे ‘ऑर्थोस्टेटिक हाइपोटेंशन’ या ‘पोश्चरल हाइपोटेंशन’ कहा जाता है।
खड़े होते ही क्यों गिर जाता है ब्लड प्रेशर?
डॉ. अरुण कुमार बताते हैं कि बैठने या लेटने की अवस्था में शरीर में रक्त का प्रवाह संतुलित रहता है। अचानक खड़े होने पर गुरुत्वाकर्षण के कारण कुछ रक्त पैरों और पेट के निचले हिस्से की ओर चला जाता है। इससे थोड़े समय के लिए हृदय और मस्तिष्क तक पहुंचने वाले रक्त की मात्रा कम हो सकती है। इसी वजह से चक्कर, कमजोरी अथवा धुंधला दिखाई देने की समस्या होती है।
सामान्य रूप से शरीर के सेंसर ब्लड प्रेशर में आई कमी को तुरंत पहचान लेते हैं। इसके बाद दिल तेजी से धड़कने लगता है और रक्त वाहिकाएं सिकुड़कर ब्लड प्रेशर को संतुलित करती हैं। इस प्रक्रिया में देरी होने पर परेशानी महसूस हो सकती है।
पानी की कमी भी बन सकती है कारण
शरीर में पानी की कमी होने से रक्त की मात्रा कम हो सकती है। गर्मी, अत्यधिक पसीना, उल्टी-दस्त या पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीने के कारण अचानक खड़े होते समय ब्लड प्रेशर तेजी से गिर सकता है।
दवाओं और लंबे समय तक बैठे रहने का प्रभाव
हाई ब्लड प्रेशर, हृदय रोग या अवसाद के उपचार में इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाएं रक्त वाहिकाओं को शिथिल कर सकती हैं। इसके कारण खड़े होते समय चक्कर आने की आशंका बढ़ जाती है। लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठे या लेटे रहने के बाद अचानक उठना भी इसकी वजह हो सकता है।
पोषक तत्वों की कमी को न करें नजरअंदाज
डॉ. अरुण कुमार के अनुसार एनीमिया, कम हीमोग्लोबिन तथा विटामिन बी-12 जैसे जरूरी पोषक तत्वों की कमी से मस्तिष्क तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। अनियमित धड़कन, डायबिटीज और तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारियां भी बार-बार चक्कर आने का कारण बन सकती हैं।
इन लक्षणों पर तुरंत लें सलाह
यदि चक्कर बार-बार आए, बेहोशी हो, सीने में दर्द उठे, बोलने में परेशानी हो, गंभीर सिरदर्द हो या शरीर में सुन्नपन महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
धीरे उठें और पर्याप्त पानी पिएं
लेटने के बाद सीधे खड़े होने के बजाय पहले करीब एक मिनट बिस्तर के किनारे बैठें और फिर धीरे-धीरे उठें। दिनभर पर्याप्त पानी और तरल पदार्थ लें। साथ ही बिना चिकित्सकीय सलाह के किसी दवा की मात्रा में बदलाव या उसे बंद न करें।
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