
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले में आगामी मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2027 में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कोल्हान विश्वविद्यालय परिसर स्थित पोटो हो सभागार में जिला उपायुक्त मनीष कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहायक समाहर्ता ईरा जोरवाल, जिला शिक्षा पदाधिकारी प्रिंस कुमार, जिला शिक्षा अधीक्षक प्रवीण कुमार सहित जिले के विभिन्न विद्यालयों के प्राचार्य एवं प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे। बैठक में आगामी बोर्ड परीक्षा की तैयारियों, विद्यालयों में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधनों, विद्यार्थियों की उपस्थिति, शिक्षण व्यवस्था, अभ्यास एवं परीक्षा परिणाम में सुधार सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशासनिक बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2027 में जिले का परिणाम बेहतर बनाने के लिए अभी से विद्यालय स्तर पर योजनाबद्ध एवं सामूहिक प्रयास आवश्यक है। प्रत्येक विद्यालय अपनी कमजोरियों एवं आवश्यकताओं को चिह्नित करते हुए समयबद्ध तरीके से सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करे।
उपायुक्त ने सभी पूर्व निर्धारित परीक्षा केंद्रों के केंद्राधीक्षकों को परीक्षा से संबंधित आवश्यक तैयारियां एवं व्यवस्थाएं समय रहते पूर्ण करने का निर्देश दिया। विद्यालयों में पंखा, रंग-रोगन, मूलभूत सुविधाएं सहित अन्य छोटे-छोटे आवश्यक कार्य उपलब्ध विकास मद की राशि से शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया। विद्यालय परिसर में स्थित जर्जर अथवा ध्वस्त भवनों के संबंध में विद्यालय स्तर से आवश्यक पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, जिसके आधार पर जिला प्रशासन द्वारा नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। जिन भवनों से संबंधित मामले न्यायालय में लंबित हैं अथवा अन्य किसी कारण से भवनों को तोड़ने में कठिनाई है, उनकी जानकारी भी विद्यालय प्रधान द्वारा जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा गया।
बोर्ड परीक्षा की तैयारी पर विशेष जोर
बैठक में निर्देश दिया गया कि आगामी मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा को ध्यान में रखते हुए पाठ्यक्रम को शीघ्र पूरा कराया जाए तथा विद्यार्थियों से अधिक से अधिक अभ्यास कराया जाए। सभी विषयों में वस्तुनिष्ठ एवं वर्णनात्मक दोनों प्रकार के प्रश्नों का नियमित अभ्यास कराने पर विशेष जोर दिया गया। विशेष रूप से वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की तैयारी को मजबूत करने तथा विद्यार्थियों को नियमित प्रश्न-अभ्यास कराने का निर्देश दिया गया। विद्यालयों में कार्यरत डीएमएफटी ट्यूटर को नियमित एवं प्रभावी ढंग से कक्षाएं संचालित करने तथा बोर्ड परीक्षा की तैयारी में विद्यार्थियों को विशेष सहयोग देने को कहा गया। निर्धारित रूप से 80 से 120 घंटे तक कक्षाएं संचालित करने पर जोर दिया गया। जिन विद्यालयों में निर्धारित घंटे पूरे करना संभव नहीं हो पा रहा है, वहां उपलब्ध समय का अधिकतम उपयोग करते हुए अधिक से अधिक कक्षाएं संचालित करने का निर्देश दिया गया।
विद्यालयों में प्रशिक्षण के लिए आए बी.एड. प्रशिक्षुओं का भी शैक्षणिक सहयोग लेने तथा उन्हें प्रभावी रूप से शिक्षण कार्य से जोड़ने को कहा गया, ताकि विद्यार्थियों को अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता मिल सके और परीक्षा परिणाम में सुधार हो। बैठक में विशेष रूप से कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर उनके लिए अतिरिक्त एवं उपचारात्मक कक्षाएं संचालित करने का निर्देश दिया गया। वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाले एवं संभावित टॉपर विद्यार्थियों के लिए भी अतिरिक्त विशेष कक्षाओं के माध्यम से उनकी तैयारी को और मजबूत करने पर जोर दिया गया। प्रायोगिक परीक्षाओं की तैयारी अभी से शुरू कराने तथा विद्यार्थियों को पर्याप्त प्रायोगिक अभ्यास कराने का निर्देश दिया गया, ताकि वे परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त कर सकें।
परख बुकलेट एवं आगामी आकलन परीक्षा
बैठक में बताया गया कि परख बुकलेट शीघ्र ही सभी विद्यालयों में उपलब्ध कराई जाएगी। विद्यार्थियों से इसका नियमित एवं गंभीरतापूर्वक अभ्यास कराने का निर्देश दिया गया। विद्यार्थियों की प्रगति एवं परीक्षा तैयारी का आकलन करने के लिए अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में पुनः परख/ओलंपियाड परीक्षा आयोजित की जाएगी। साथ ही, दिवाली से पूर्व सभी विद्यालयों में प्रथम सेमेस्टर परीक्षा आयोजित कराने की तैयारी सुनिश्चित करने को कहा गया। जनवरी 2027 में प्रस्तावित प्री-बोर्ड परीक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों की तैयारी अभी से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
उपस्थिति एवं अभिभावक सहभागिता पर विशेष ध्यान
बैठक में विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति को परीक्षा की तैयारी का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए निर्देश दिया गया कि आगामी 12 अक्टूबर को आयोजित होने वाली अभिभावक-शिक्षक बैठक में विशेष रूप से 75 प्रतिशत से कम उपस्थिति वाले विद्यार्थियों की स्थिति उनके अभिभावकों के समक्ष रखी जाए। अभिभावकों को स्पष्ट रूप से अवगत कराया जाए कि निर्धारित उपस्थिति पूरी नहीं होने की स्थिति में परीक्षा फॉर्म भरने अथवा परीक्षा में सम्मिलित होने की अनुमति से संबंधित समस्या उत्पन्न हो सकती है। विद्यालयों में आयोजित होने वाले तिथि भोज में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने तथा उनकी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया।
विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर
विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सभी विद्यालयों में फिल्टर वाटर/वॉटर कूलर की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया। लगभग 100 विद्यार्थियों पर एक पेयजल इकाई की व्यवस्था करने पर जोर दिया गया। संबंधित एजेंसी द्वारा तीन वर्षों तक इनके रख-रखाव की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई। जिन विद्यालयों में बेंच-डेस्क की आवश्यकता है, उन्हें तत्काल मांग पत्र उपलब्ध कराने को कहा गया, ताकि आवश्यकतानुसार इसकी व्यवस्था की जा सके।
शिक्षकों की उपलब्धता एवं विशेष कक्षाओं की व्यवस्था
बैठक में विद्यालयों में अतिरिक्त कार्यों में प्रतिनियुक्त अथवा संलग्न शिक्षकों के संबंध में भी समीक्षा की गई। ऐसे शिक्षकों को आवेदन देने को कहा गया। जिन विद्यालयों में शिक्षकों की वास्तविक आवश्यकता है, वहां आवश्यकता के अनुसार ऐसे शिक्षकों को अतिरिक्त कार्यों से शीघ्र मुक्त करने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। आगामी दिनों में बी.एड. प्रशिक्षुओं, डीएमएफटी ट्यूटर एवं अनुभवी शिक्षकों के सहयोग से जिला स्तर पर विशेष कक्षाएं संचालित करने की योजना पर भी चर्चा हुई। इन विशेष कक्षाओं को यूट्यूब के माध्यम से प्रसारित करने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि जिले के अधिक से अधिक विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकें।
प्रोजेक्ट जागृति एवं रक्तदान अभियान की सराहना
बैठक के दौरान प्रोजेक्ट जागृति के तहत संचालित रक्तदान अभियान में विद्यालयों एवं शिक्षकों द्वारा किए जा रहे सहयोग की सराहना करते हुए सभी को धन्यवाद दिया गया। उपायुक्त ने आगामी 24 अक्टूबर को दुर्गापूजा के बाद आयोजित होने वाले रक्तदान शिविर में अधिक से अधिक विद्यालयों, शिक्षकों एवं संबंधित लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। वहीं मध्याह्न भोजन की पूर्व से लंबित राशि का भुगतान दुर्गापूजा से पूर्व संबंधित विद्यालयों को किए जाने की जानकारी भी बैठक में दी गई।
शिक्षा विभाग के इंडिकेटर्स में सुधार का निर्देश
बैठक में शिक्षा विभाग एवं शिक्षा सचिव स्तर से निर्धारित विभिन्न संकेतकों, जिसमें विद्यार्थी उपस्थिति, मध्याह्न भोजन सहित अन्य शैक्षणिक एवं प्रशासनिक इंडिकेटर्स शामिल हैं, में जिले की स्थिति बेहतर करने पर विशेष जोर दिया गया। सभी विद्यालय प्रधानों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने विद्यालय की कमियों एवं आवश्यकताओं का विद्यालयवार आकलन कर समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने कहा कि परीक्षा परिणाम में सुधार केवल परीक्षा के समय की तैयारी से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए विद्यालय स्तर पर नियमित उपस्थिति, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, निरंतर अभ्यास, विषयवार तैयारी, कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान और शिक्षकों का टीम भावना के साथ कार्य करना आवश्यक है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आज दिए गए निर्देशों के अनुपालन एवं मैट्रिक तथा इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारियों की लगभग तीन सप्ताह बाद पुनः समीक्षा की जाएगी। सभी विद्यालय प्रधानों को निर्देशित किया गया कि निर्धारित अवधि के भीतर दिए गए निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करें। बैठक के अंत में जिले के सभी विद्यालयों से सामूहिक एवं योजनाबद्ध प्रयास करते हुए मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2027 में पश्चिमी सिंहभूम जिले का बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने की दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।
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