
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के नोवामुंडी एवं जगन्नाथपुर इलाकों में अंधविश्वास, डायन-प्रथा और सामाजिक बुराइयों को जड़ से समाप्त करने के लिए निरंतर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी सिलसिले में नोवामुंडी प्रखंड की पोखरपी पंचायत के गितिकेन्दु गांव मुण्डासाई और दियूरीसाई टोला में एक नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया।
सभा को संबोधित करते हुए आदिवासी हो समाज युवा महासभा के राष्ट्रीय महासचिव गब्बरसिंह हेम्ब्रम ने कहा कि जागरूकता की कमी के कारण लोग सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। बीमारी, सर्पदंश या किसी दुर्घटना की स्थिति में लोग अस्पताल जाने के बजाय ओझा-गुनी और झाड़-फूंक के भ्रम में फंसकर अपनी जान गंवा देते हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि ऐसे हादसों के बाद लोग बोंगा-बुरू को दोष देने लगते हैं और अपनी मूल प्राकृतिक आस्था व संस्कृति को छोड़कर अन्य धर्मों ईसाई, हिंदू, मुसलमान की ओर रुख कर लेते हैं। हेम्ब्रम ने बताया कि सिंगी एंड सिंगी फाउंडेशन तथा नेशनल आदिवासी रिवाइवल एसोसिएशन द्वारा विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर अंधविश्वास के नाम पर होने वाले अपराधों पर रोक लगाने और समाज के सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम में मौजूद स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने शिक्षित और जागरूक ग्रामीणों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने स्थानीय घटनाओं के उदाहरण देकर लोगों को अंधविश्वास और डायन-कुप्रथा के दुष्परिणामों से अवगत कराया। इस नुक्कड़ सभा में आदिवासी हो समाज युवा महासभा के अनुमंडल अध्यक्ष बलराम लागुरी, सागर हेम्ब्रम, उर्मिला लागुरी, विमला कुई, बलेमा कुई, मंजु कुई, मुकता कुई, रोयबारी कुई, सीमा कुई, सोमवारी अंगरिया, मादे सिरका, कानूराम हेम्ब्रम, गोरा लागुरी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।

