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Chaibasa News : जयपुर गांव बना मिसाल: ग्रामीणों ने नशामुक्ति का लिया संकल्प, गांव में शराब भट्ठी नहीं खुलने देने का किया ऐलान

ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि इसके लिए अब उन्हें आबकारी विभाग या पुलिस प्रशासन के इंतजार की जरूरत नहीं है, बल्कि गांव के लोग खुद ही एकजुट होकर इसकी निगरानी करेंगे और रोक लगाएंगे।

by Rajeshwar Pandey
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चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के सुरबुड़ा पंचायत अंतर्गत जयपुर गांव में रविवार को नशामुक्ति को लेकर एक अहम ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ताराकांत सिजुई की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में महिला मंडलों समेत बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए।

बैठक के दौरान गांव में तेजी से फैल रहे नशे के जहर और उसके दुष्प्रभावों पर गंभीर मंथन किया गया। ग्रामीणों ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि शराब की वजह से न सिर्फ कई हंसते-खेलते परिवार उजड़ रहे हैं, बल्कि घरेलू कलह और युवाओं का भविष्य भी अंधकारमय होता जा रहा है। इन तमाम बिंदुओं पर चर्चा के बाद सभी ने एक स्वर में गांव को पूरी तरह नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।

नहीं करने दिया जाएगा शराब की भट्ठी या अवैध शराब का कारोबार

सभा में सर्वसम्मति से यह कड़ा निर्णय लिया गया कि जयपुर गांव की सीमा के भीतर किसी भी परिस्थिति में शराब की भट्ठी या अवैध शराब का कारोबार नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि इसके लिए अब उन्हें आबकारी विभाग या पुलिस प्रशासन के इंतजार की जरूरत नहीं है, बल्कि गांव के लोग खुद ही एकजुट होकर इसकी निगरानी करेंगे और रोक लगाएंगे।

शराब बेचने या भट्ठी संचालित करने पर होगी अनुशासनात्मक कार्रवाई

योजना के तहत यह तय हुआ कि यदि भविष्य में कोई भी व्यक्ति गांव में अवैध शराब बेचता या भट्ठी संचालित करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध सामाजिक स्तर पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर प्रशासनिक मदद भी ली जाएगी। इसके साथ ही घर-घर जाकर परिवारों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

महिलाओं ने दर्ज कराई अपनी सक्रिय भागीदारी

इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य गांव को नशामुक्त करना, सामाजिक सद्भाव लौटाना और महिलाओं तथा बच्चों के जीवन को सुरक्षित बनाना है। बैठक में विशेष रूप से महिलाओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई और कहा कि नशे के अभिशाप का सबसे बड़ा शिकार महिलाएं और मासूम बच्चे ही होते हैं।

बैठक में कई गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे

इस प्रेरक बैठक में लक्ष्मी सिजुई, शांति सिजुई, संजय सिजुई, चिमी सामाड, सुखलाल सिजुई, गोमेयनती सिजुई, सतीश कुमार सिजुई, सावन सिजुई, श्रीतिका कुई, मुन्नी बोदरा, अमीर सिजुई, सोमारी कुई, मुन्नी कुई, करन सामाड, सोपन सामाड, गंगाराम सामाड, नितु कुई, माकी कुई, पालो कुई, राजकुमारी सिजुई, सुक्रमानी कुई, रावन केराई, नितिमा कुई और श्रीसिह सिजुई समेत कई गणमान्य ग्रामीण उपस्थित रहे।

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