
Jamshedpur : टेल्को उर्दू स्कूल, जमशेदपुर के प्रांगण में गुरुवार को भारत के पूर्व राष्ट्रपति एवं मिसाइल मैन डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती श्रद्धापूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय परिवार के सदस्यों ने उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता टेल्को उर्दू स्कूल की पैरेंट बॉडी टेल्को वेलफेयर सोसाइटी के सचिव रियाजुद्दीन खान ने की। मौके पर टेल्को उर्दू उच्च विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती शगुफ्ता नाज, टेल्को उर्दू मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सुश्री कश्मीरा रजी, सभी शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. कलाम के व्यक्तित्व और देश के प्रति उनके योगदान को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर रियाजुद्दीन खान ने कहा कि भारत को परमाणु संपन्न देश बनाने में डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विज्ञान और रक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान ने देश को नई पहचान दिलाई। उनका जीवन देशसेवा, मेहनत और समर्पण का प्रेरणादायक उदाहरण है।
विद्यालय की प्राचार्या शगुफ्ता नाज ने डॉ. कलाम को सादगी और सदाचार का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका जीवन और विचार आज भी समाज, विशेषकर विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
वहीं, मध्य विद्यालय की प्रधानाध्यापिका कश्मीरा रजी ने कहा कि एक गरीब मछुआरे परिवार में जन्म लेने के बावजूद डॉ. कलाम ने अपनी विद्वता, योग्यता, क्षमता और प्रतिभा के बल पर मिसाइल मैन से लेकर देश के राष्ट्रपति तक का सफर तय किया। उनका संघर्षपूर्ण जीवन इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और शिक्षा के बल पर जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। विद्यार्थियों को उनके जीवन से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को डॉ. कलाम के आदर्शों, देशप्रेम, सादगी और शिक्षा के महत्व को अपने जीवन में अपनाने का संदेश दिया गया।

