
CHAIBASA : कोल्हान विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त शिक्षकों ने पेंशन भुगतान में लगातार हो रही देरी और अन्य वित्तीय लाभों के लंबित रहने के विरोध में विश्वविद्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। सेवानिवृत्त शिक्षकों ने पेंशन, महंगाई राहत, ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट जैसी देय राशियों का समय पर भुगतान नहीं होने पर नाराजगी जताते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन से समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की। शिक्षकों का कहना है कि लंबे समय तक विश्वविद्यालय की सेवा करने के बाद सेवानिवृत्ति की अवस्था में उन्हें अपने ही अधिकारों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। इससे उन्हें आर्थिक कठिनाइयों के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ रही है।
इस संबंध में कोल्हान यूनिवर्सिटी रिटायर्ड टीचर्स एसोसिएशन ने कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता को पत्र लिखकर सेवानिवृत्त शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण का आग्रह किया है। संगठन ने प्रत्येक माह की पहली कार्यदिवस को पेंशन भुगतान सुनिश्चित करने, लंबित वित्तीय लाभों का शीघ्र निपटारा करने और पेंशन संबंधी प्रक्रियाओं को सरल बनाने की मांग उठाई है। धरना-प्रदर्शन के माध्यम से सेवानिवृत्त शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन का ध्यान अपनी लंबित समस्याओं की ओर आकर्षित कराया।
आश्वासन के बावजूद समय पर नहीं मिल रही पेंशन
एसोसिएशन ने अपने पत्र में कहा है कि कुलाधिपति के निर्देश और कुलपति के आश्वासन के बावजूद सेवानिवृत्त शिक्षकों को निर्धारित समय पर पेंशन नहीं मिल पा रही है। संगठन ने कार्यरत शिक्षकों के वेतन भुगतान के बाद सेवानिवृत्त शिक्षकों की पेंशन जारी करने की व्यवस्था पर भी आपत्ति जताई है। एसोसिएशन का कहना है कि पेंशन सेवानिवृत्त शिक्षकों का अधिकार है और इसके भुगतान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
शिक्षकों ने मांग की है कि पेंशन भुगतान के लिए नियमित व्यवस्था लागू की जाए, ताकि प्रत्येक महीने की पहली कार्यदिवस को उनके खातों में पेंशन की राशि पहुंच सके। इससे बुजुर्ग शिक्षकों को अपनी दैनिक जरूरतों और अन्य आवश्यक खर्चों के प्रबंधन में सहूलियत मिलेगी।
महंगाई राहत की वृद्धि का लाभ नहीं मिलने पर नाराजगी
सेवानिवृत्त शिक्षकों ने महंगाई राहत की बढ़ी हुई राशि का लाभ नहीं मिलने पर भी नाराजगी जताई है। एसोसिएशन ने अपने पत्र में झारखंड सरकार के वित्त विभाग की ओर से 9 जून 2026 को जारी संकल्प का हवाला देते हुए कहा है कि एक जनवरी 2026 के प्रभाव से महंगाई राहत में दो प्रतिशत की वृद्धि की गई थी, लेकिन जुलाई 2026 की पेंशन के साथ इसका लाभ नहीं मिला।
संगठन ने संबंधित सरकारी प्रावधानों के अनुरूप महंगाई राहत का लाभ देने और बकाया राशि का भुगतान करने की मांग की है। शिक्षकों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच पेंशन और महंगाई राहत का समय पर भुगतान नहीं होना उनकी परेशानियों को और बढ़ा रहा है।
ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट का बकाया भी चुकाने की मांग
धरना-प्रदर्शन के दौरान सेवानिवृत्त शिक्षकों के अन्य लंबित वित्तीय लाभों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। एसोसिएशन ने हाल के महीनों में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों की ग्रेच्युटी, लीव इनकैशमेंट और अन्य देय राशियों का भुगतान लंबित रहने पर चिंता जताई है।
संगठन के अनुसार, लंबे समय तक शैक्षणिक सेवा देने के बाद सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को अपने बकाये के भुगतान के लिए विश्वविद्यालय का चक्कर लगाना पड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है। उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें आर्थिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन की जरूरत है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन को लंबित मामलों की समीक्षा कर समयबद्ध तरीके से भुगतान सुनिश्चित करना चाहिए।
ऑनलाइन लाइफ सर्टिफिकेट की व्यवस्था शुरू करने का सुझाव
सेवानिवृत्त शिक्षकों की परेशानी कम करने के लिए एसोसिएशन ने लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने की प्रक्रिया ऑनलाइन करने की मांग भी उठाई है। वर्तमान प्रक्रिया में बुजुर्ग शिक्षकों को प्रमाणपत्र जमा करने के लिए विश्वविद्यालय आना पड़ता है, जिससे उन्हें अनावश्यक भागदौड़ और परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
संगठन का सुझाव है कि ऑनलाइन लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा शुरू होने से सेवानिवृत्त शिक्षकों को काफी राहत मिलेगी। इससे उनका समय बचेगा और प्रमाणपत्र जमा करने की प्रक्रिया भी अधिक सुविधाजनक होगी।
एसोसिएशन के लिए कार्यालय और कुलपति को मुख्य संरक्षक बनाने का आग्रह
पेंशन और वित्तीय समस्याओं के अलावा एसोसिएशन ने अपनी संस्थागत गतिविधियों के संचालन को लेकर भी कुलपति के समक्ष मांगें रखी हैं। संगठन ने विश्वविद्यालय की सेवा और शैक्षणिक गतिविधियों में सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताते हुए विधिवत पंजीकरण की दिशा में पहल तथा कार्यकारी संविधान स्वीकार किए जाने की जानकारी दी है।
एसोसिएशन ने कुलपति से संगठन का मुख्य संरक्षक बनने का अनुरोध किया है। साथ ही, सेवानिवृत्त शिक्षकों से संबंधित मामलों के समन्वय और संगठन की नियमित गतिविधियों के संचालन के लिए चाईबासा अथवा जमशेदपुर में एक कार्यालय कक्ष आवंटित करने की मांग की है।
समस्याओं के शीघ्र समाधान की उम्मीद
धरना-प्रदर्शन के माध्यम से सेवानिवृत्त शिक्षकों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अपनी मांगों पर गंभीरता से विचार करने और ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है। एसोसिएशन को उम्मीद है कि विश्वविद्यालय प्रशासन पेंशन भुगतान में नियमितता लाने, महंगाई राहत का लाभ देने, ग्रेच्युटी और लीव इनकैशमेंट सहित अन्य लंबित वित्तीय देयताओं का भुगतान करने तथा ऑनलाइन लाइफ सर्टिफिकेट की सुविधा शुरू करने की दिशा में आवश्यक पहल करेगा।
सेवानिवृत्त शिक्षकों का कहना है कि वर्षों तक विश्वविद्यालय की सेवा करने वाले शिक्षकों को सेवानिवृत्ति के बाद अपने अधिकारों के लिए संघर्ष नहीं करना पड़े। उनकी मांग है कि पेंशन और अन्य वित्तीय लाभों का भुगतान निर्धारित समयसीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

