
चाईबासा : चाईबासा-झींकपानी मुख्य सड़क स्थित गितिलपी के शंकराचार्य मोटर्स (सेल्स एंड सर्विस) पर गाड़ियों की आपूर्ति के नाम पर वित्तीय हेरफेर का गंभीर आरोप सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त शोरूम के कर्मियों व मध्यस्थों (एजेंटों) ने क्षेत्र के दर्जनों आदिवासी युवाओं को झांसे में लेकर लगभग 40 लाख रुपये हड़प लिए हैं। पीड़ितों में कुमारडुंगी क्षेत्र के 35 वर्षीय काशीनाथ हेंब्रम तथा मंझारी निवासी तुराम पूर्ति समेत कई युवक शामिल हैं। प्रभावित युवाओं का कहना है कि नए चार पहिया वाहन उपलब्ध कराने का भरोसा देकर उनसे बुकिंग राशि व किस्तों के रूप में भारी रकम वसूली गई। हालांकि, निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी न तो उन्हें गाड़ियां सौंपी गईं और न ही उनके जमा पैसे लौटाए गए।
शोरूम के समक्ष उग्र प्रदर्शन, गिरफ्तारी की मांग
धोखाधड़ी से रुष्ट पीड़ितों ने जिला परिषद प्रतिनिधि माधव चंद्र कुंकल की अगुवाई में शंकराचार्य मोटर्स के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित ग्रामीणों ने शोरूम के समक्ष जमा होकर संचालक को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
कर्ज लेकर दी थी रकम, अब दर-दर भटक रहे पीड़ित
पीड़ित काशीनाथ हेंब्रम ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्हें बेहद कम डाउन पेमेंट पर गाड़ी दिलाने का लालच दिया गया था। एजेंटों के वादे पर भरोसा कर उन्होंने अपनी पूरी जीवन भर की बचत उन्हें सौंप दी। महीनों तक चक्कर काटने के बावजूद जब वाहन नहीं मिला और प्रबंधन बहानेबाज़ी करने लगा, तब ठगी का अहसास हुआ। अन्य युवाओं ने बताया कि कई लोगों ने ब्याज पर कर्ज लेकर पैसे जमा किए थे और अब वे गहरे आर्थिक संकट में फंस गए हैं।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई और राशि वापसी की गुहार
इस घटना के बाद पूरे इलाके में भारी जन-आक्रोश व्याप्त है। भुक्तभोगियों ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप कर डूबी हुई रकम वापस कराने और दोषी कर्मचारियों व एजेंटों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।मामले को लेकर संबंधित थाने में औपचारिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की प्रक्रिया जारी है। पीड़ितों ने पुलिस प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर न्याय दिलाने की अपील की है। हालांकि संबंध में कंपनी के लोग कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

