
Jamshedpur : संभावित चक्रवात ‘अर्नब’ (TC02B) को देखते हुए रेलवे ने यात्री सुरक्षा और ट्रेनों के परिचालन को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। 28 अक्टूबर 2026 को चक्रवात के तट से टकराने की आशंका के मद्देनजर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने तैयारियों की समीक्षा की। प्रभावित क्षेत्रों में रेल परिचालन को सुरक्षित रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रेलवे ने व्यापक इंतजाम किए हैं।
रेलवे के मुताबिक, दक्षिण तटीय रेलवे (SCoR) और पूर्व तटीय रेलवे (ECoR) के संवेदनशील इलाकों में करीब 600 किलोमीटर रेलखंड पर लगातार निगरानी की जा रही है। विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम मंडलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। संभावित नुकसान से निपटने और रेल सेवाओं को जल्द बहाल करने के लिए रेलवे बोर्ड, जोनल और मंडल स्तर पर वॉर रूम सक्रिय कर दिए गए हैं। वरिष्ठ अधिकारियों को भी महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया है।
छह जगहों पर राहत और मरम्मत सामग्री तैयार
आपातकालीन स्थिति में पटरियों और रेलवे ढांचे की मरम्मत में देरी न हो, इसके लिए कृष्णा कैनाल, बिट्रागुंटा, मामिडिपुडी, विशाखापत्तनम, पलासा और पोंडुरू में मरम्मत सामग्री से भरी वैगन तैनात की गई हैं।
प्रमुख रेलवे जंक्शनों पर डीजल इंजन, पावर यूनिट और एंबुलेंस भी तैयार रखी गई हैं। तेज हवा से पेड़ गिरने, पटरियों पर अवरोध आने या रेलवे ट्रैक को नुकसान पहुंचने की स्थिति से निपटने के लिए अर्थमूवर, पेड़ काटने वाली मशीनें और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं।
हर घंटे हवा की गति और जलस्तर पर नजर
चक्रवात की स्थिति का आकलन करने के लिए हवा की रफ्तार और जलस्तर की हर घंटे निगरानी की जा रही है। इसका उद्देश्य रेलवे पुलों, पटरियों और दूसरे महत्वपूर्ण ढांचों पर संभावित खतरे की समय रहते पहचान करना है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखें और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करें।
NDRF और आपदा प्रबंधन एजेंसियों से समन्वय
रेलवे प्रशासन राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और संबंधित राज्यों के आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों के संपर्क में है। किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से शुरू करने की तैयारी की गई है। रेलवे का जोर चक्रवात के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, संभावित व्यवधानों को कम करने और मौसम सामान्य होने के बाद रेल परिचालन जल्द बहाल करने पर है। हालांकि, चक्रवात के प्रभाव के अनुसार ट्रेनों के परिचालन में बदलाव की जरूरत पड़ सकती है।

