
चाईबासा : निखिल भारत बंग साहित्य सम्मेलन का दो दिवसीय अधिवेशन शनिवार को चाईबासा के पिलाई हॉल में शुभारंभ हुआ। अधिवेशन में आंचलिक समिति के तीन राज्यों की आंचल समिति के साथ विभिन्न शाखाओं के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में चाईबासा शाखा के नगर अध्यक्ष नितिन प्रकाश और मूल सभापति डॉ. तपन खाड़ा द्वारा तिरंगा एवं सम्मेलन का झंडा फहराया गया। इसके पश्चात सभी अतिथियों को मंच पर सम्मानपूर्वक सम्मानित किया गया और दीप प्रज्वलित कर सम्मेलन की विधिवत शुरुआत की गई।
सम्मेलन कवि, लेखक और बांग्ला भाषा के उत्थान के लिए : नितिन प्रकाश
नगर अध्यक्ष नितिन प्रकाश ने कहा कि यह साहित्य सम्मेलन कवि, लेखक, साहित्यकार के सम्मान एवं बांग्ला भाषा के उत्थान के लिए आयोजित किया गया है। आने वाले समय में इससे और भी लोग जुड़ें, इसका प्रयास करना चाहिए।सम्मेलन में आंचलिक सचिव आशीष गुप्ता ने कहा कि कई राज्यों में होने वाला यह सम्मेलन किसी कारण से रुक गया था, लेकिन चाईबासा के सदस्यों ने मिलकर यह सम्मेलन चाईबासा में आयोजित किया, यह सम्मान की बात है।
तीन राज्यों के बांग्ला भाषी प्रेमी एकजुट हुए
शाखा के सचिव तारा शंकर दत्त ने स्वागत भाषण में कहा कि इस अधिवेशन में झारखंड, ओडिशा और बंगाल तीनों राज्यों के लेखक और बांग्ला भाषी प्रेमी एकजुट हुए हैं, यह झारखंडवासियों के लिए सम्मान की बात है।
इस अधिवेशन में केंद्रीय उपाध्यक्ष गौतम भट्टाचार्य, केंद्रीय परीक्षा सचिव शिप्रा भट्टाचार्य, आंचलिक समिति के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज सतपति, आंचलिक सचिव आशीष गुप्ता, आंचलिक उपाध्यक्ष सुष्मिता विश्वास, उज्ज्वल आयकात, भूदेव मुखर्जी, निसार अमीन, देवी शंकर दत्त, शाखा के अध्यक्ष सपन दत्ता एवं सचिव तारा शंकर दत्त मंच पर उपस्थित रहे।

