
Jamshedpur : कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा में शिक्षकों की कमी दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। विश्वविद्यालय मुख्यालय में मंगलवार को कुलपति प्रो. डॉ. अंजिला गुप्ता की अध्यक्षता में आयोजित सिंडिकेट की बैठक में अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इसके तहत अब स्नातकोत्तर (पीजी) में 55 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को भी अतिथि शिक्षक के रूप में काम करने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा पीजी टॉपर और नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थी भी नियुक्ति के लिए पात्र होंगे। अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति संबंधित कॉलेजों की ओर से भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर की जाएगी।
योग्यता के अनुसार तय हुआ मानदेय
सिंडिकेट की बैठक में अतिथि शिक्षकों के लिए अलग-अलग श्रेणियों के आधार पर मासिक मानदेय निर्धारित किया गया। इसके अनुसार पीजी में 55 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह, पीजी टॉपर को 15 हजार रुपये और नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को 18 हजार रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा। नियुक्ति की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार की जा रही है। अतिथि शिक्षकों के मानदेय का भुगतान संबंधित कॉलेज के ए-एकाउंट से किया जाएगा। इस फैसले से विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों और अंगीभूत कॉलेजों में शिक्षकों की कमी दूर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपये
सिंडिकेट ने विश्वविद्यालय के शिक्षकों और कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 25 लाख रुपये करने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति प्रदान की। इस निर्णय का लाभ एक जनवरी 2024 से सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों को मिलेगा। इससे सेवानिवृत्त कर्मियों को आर्थिक लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता भी साफ
बैठक में कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पर भी सकारात्मक निर्णय लिया गया। दोहरा कार्य करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त राशि देने पर सहमति बनी। वहीं, कर्मचारियों की पदोन्नति के लिए आयोजित परीक्षा के परिणाम को भी अनुमोदित कर दिया गया। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों को कार्यालय अधीक्षक, अकाउंटेंट और लिपिक के पदों पर पदोन्नति दी जा सकेगी।
इसके अलावा पिछली अकादमिक काउंसिल की बैठक में लिए गए सभी निर्णयों को भी सिंडिकेट ने मंजूरी दे दी। बैठक में कुलसचिव समेत सिंडिकेट के अन्य सदस्य उपस्थित थे। राज्य विश्वविद्यालय आयोग की नई नियमावली के तहत आयोजित यह कोल्हान विश्वविद्यालय की पहली सिंडिकेट बैठक थी। इसमें लिए गए फैसलों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था और कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

