

जमशेदपुर: गर्मी का मौसम अपने चरम पर है। भारी गर्मी व तेज धूप ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। शहर में गर्मी के तापमान में लागातार वृद्धि हो रही है , जिसके फलस्वरूप चर्म रोग से सबंधित ज्यादा लोग पीड़ित हो रहे है।विशेष रूप से महिलाओं में गालों पर छाई की समस्या ज्यादा हो रही है। इसके आलावे दिनाय, हीटरैश, मुहांसे, धूप एलर्जी, खुजली कि समस्या आम है। इससे बचाव के लिए गर्मी के मौसम के आने से पहले आपको कुछ तैयारियां कर लेने की जरूरत होती है। आमतौर पर त्वचा के लिहाज से गर्मी का मौसम सबसे खराब मौसम माना जाता है। इस सबंध में शहर के त्वचा रोग के विशेषज्ञ डॉ. आर कुमार ने बताया कि त्वचा से सबंधित समस्याओं से बचने के लिए पहले से ही कुछ उपाय कर लेने चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि पहले गर्मियों में होने वाली त्वचा समस्याओं के बारे में आपको जानकारी रहे।

– चलिए जानते हैं डॉ. आर कुमार से गर्मियों में होने वाली त्वचा समस्याओं के बारे में साथ ही इसका उपाय भी।

डॉ आर कुमार ने बताया कि तेज धूप व भारी गर्मी से लोगों को बच के रहना चाहिए। बाहर निकलते समय तौलिया या सूती हल्के कपड़े से शरीर को ढँक कर रखना चाहिए।
उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में तेज धूप के कारण छाई दिनाय, हीटरैश, मुहांसे, धूप एलर्जी, खुजली कि समस्या ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि उनके क्लिनिक में प्रतिदिन त्वचा से सबंधित समायाओं को लेकर ज्यादा आ रहे है। उन्होंने कहा कि महिलाओं में छाहीं कि समस्या ज्यादा हो रही है। उन्होंने कहा कि यह समस्या तेज धूप के कारण होता है। उन्होंने कहा कि गालों पर ब्राउन रंग के दाग उभर आते है। उन्होंने कहा कि तापमान 35 डिग्री से अधिक होने पर यह समस्या उत्पन्न होती है। डॉ आर कुमार ने बताया कि इससे बचने के लिएधूप में निकलें तो सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
इसके अलावे उन्होंने बताया कि अधिक गर्मी से आमतौर पर वयस्कों में कमर के नीचे दिनाय कि समस्या हो रही है। इससे बचने के लिए तेज धूप से बचने कि जरूरत होती है। घर में पंखे का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही इसके लिए मेडिकल दुकान पर एंटी फंगल टबलेट का इस्तेमाल करना चाहिए।

वहीं हीटरैश कि समस्या तापमान में ज्यादा वृद्धि होने के चलते होती है। 35 डीग्री से 40 डिग्री तापमान पर यह समस्या उभर कर आती है। पसीना काफी जोरों से आती है। पूरे शरीर पर घमौरी उत्पन्न हो जाती है। विशेष रूप से शरीर के पिछले भाग पीठ पर ज्यादा होती है। वहीं 15 से 30 आयु वर्ग के महिला व पुरुषों में मुहांसे कि समस्या तेजी से होती है। उन्होंने बताया कि भारी गर्मी से त्वचा के छिद्र बंद हो जाते है, ऐसे में यह समस्या ज्यादा बढ़ जाती है।
डॉ आर कुमार ने बताया कि त्वचा से सबंधित समस्या स्विमिंग पूल में नहाने से भी हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर
बाइक्टेरियल इंफेक्शन
से पीड़ित व्यक्ति स्विमिंग पूल में नहाता है, उस समय पूल नहाते दूसरे व्यक्ति को भी बैक्टीरियल इंफेक्शन हो सकती है। साथ ही उन्होंने बताया कि पानी में ज्यादा क्लोरीन के इस्तेमाल से भी त्वचा रूखा हो जाता है।
-नहाते समय त्वचा धोने के लिए क्लींजर का इस्तेमाल करें।
नहाने के बाद और रूखी त्वचा होने पर मॉइस्चराइजर लगाएं ।
