Dumka : झारखंड के दुमका जिले के पिछड़े क्षेत्र गोपीकांदर में इन दिनों साइबर अपराधियों का जाल तेजी से फैल रहा है। पिछले 10 दिनों के भीतर एक दर्जन से अधिक लोग साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं, जबकि कई लोगों के व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर उनके संपर्कों से पैसे की मांग की जा रही है।रविवार को भी साइबर अपराधियों ने कई ग्रामीणों को अपना निशाना बनाया। ठगों ने व्हाट्सएप के जरिए मंईयां सम्मान योजना और पीएम किसान योजना के नाम पर एक APK फाइल भेजी। जैसे ही लोगों ने इस फाइल को डाउनलोड कर ओपन किया, उनका व्हाट्सएप हैक हो गया।
कुश्चिरा पंचायत के धोबरना गांव निवासी सैमुअल मुर्मू इसका ताजा शिकार बने। उनके व्हाट्सएप से जुड़े सभी कॉन्टेक्ट्स और ग्रुप्स में दो-दो हजार रुपये की मांग का मैसेज भेज दिया गया। साथ ही उन्हीं ग्रुप्स में यह फर्जी APK फाइल भी फॉरवर्ड कर दी गई, ताकि अन्य लोग भी ठगी का शिकार बन सकें।इसी तरह सिदपहाड़ी गांव के शिवनाथ गृही और गखरौनी बाजार के मधुसूदन दास समेत आधा दर्जन लोग भी इस जाल में फंस गए। कई लोगों ने मैसेज को सही मानते हुए पैसे भी ट्रांसफर कर दिए।
घटना की जानकारी फैलते ही ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बाद में स्थानीय व्हाट्सएप ग्रुप्स में इस साइबर ठगी को लेकर चेतावनी साझा की गई, तब जाकर लोग सतर्क हुए।थाना प्रभारी सुमित कुमार भगत ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी अब APK फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल और व्हाट्सएप को हैक कर रहे हैं। ऐसे में किसी भी अनजान फाइल को डाउनलोड या ओपन करने से बचें।
उन्होंने सलाह दी कि:
* किसी भी अज्ञात नंबर से आई APK फाइल को न खोलें
* अनजान कॉल रिसीव करने से बचें
* बैंक या अधिकारी बनकर जानकारी मांगने वालों को जानकारी न दें
* OTP किसी के साथ शेयर न करें
* साइबर ठगी होने पर तुरंत टोल फ्री नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करें
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज की जानकारी तुरंत स्थानीय थाना को दें।

